जो संतोष मुझे शराबबंदी लागू कर मिला, वह कभी नहीं मिला: मुख्यमंत्री

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पटना, 13 सितम्बर 2016: जनजीवक कल्याण संघ (आर0एम0पी0) ग्रामीण चिकित्सकों के शराबबंदी पर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीण चिकित्सकों को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने सभी को बकरीद की मुबारकवाद दी तथा कहा कि आज के दिन आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में आप आये, इसके लिये आप सभी को धन्यवाद देता हूॅ। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण शिविर में शराब के कुप्रभाव के बारे में जानकारी दी जायेगी। ग्रामीण चिकित्सक का सम्पर्क ग्रामीण स्तर पर लोगों से रहता है, उनका ग्रामीण क्षेत्र में लोगों से जीवंत संबंध होता है। यहाॅ पर आप जो जानकारी प्राप्त करेंगे, उस जानकारी से लोगों को अवगत करायेंगे तो इसका काफी प्रभाव होगा। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण शिविर के आयोजन के लिये आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने डाॅ0 राजवर्द्धन आजाद की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण चिकित्सकों के लिये सरकार द्वारा जो कदम आगे बढ़ाये गये हैं, वह नहीं रूकेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आप ग्रामीण चिकित्सकों के प्रशिक्षण के लिये शेड्यूल जल्द निकालेगी। चिकित्सा से संबंधी कार्यों के साथ आपको जोड़ा जाय, उसके लिये सरकार कदम उठायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कह देते हैं तो पीछे नहीं हटते। उन्होंने कहा कि आज पर्व के दिन इतनी संख्या में आप आये हैं, इसके लिये आप सभी बधाई के पात्र हैं। यहाॅ से प्रशिक्षण लेकर जाइयेगा तो उसका प्रचार नीचे तक कीजियेगा। उन्होंने कहा कि शराब के दुष्प्रभाव के संबंध में लोगों को जरूर बताइयेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी का व्यापक प्रभाव हुआ है। जो लोग शुरू में इसके खिलाफ थे, अब वे भी काफी प्रसन्न हैं। उन्हें लगता है कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुधर गया है। गरीबों के जीवन में परिवर्तन आ गया है, लोगोें को इस बात पर ध्यान देना चाहिये, शराबबंदी का प्रभाव देखना है तो गाॅव में जाकर देखिये, लेागों से बात कर देखिये। उन्होंने कहा कि मैं शुरू से शराबबंदी के पक्ष में था। यही श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल है, जहाॅ 9 जुलाई 2015 को जीविका के महिलाओं के स्वयं सहायता समूह के कार्यक्रम में मैं शामिल हुआ था। लोगों को संबोधित करने के बाद जैसे ही मैं अपने स्थान पर बैठा, तभी महिलाओं की आवाज आयी कि शराबबंदी लागू कीजिये। मैंने पुनः माइक पर आकर कहा कि अगली बार सता में आयेंगे तो शराबबंदी लागू करेंगे। उस वक्त मन का द्वंद मिट गया। उन्होंने कहा कि हमने 2011 से मद्य निषेध दिवस के आयोजन की शुरूआत की है। जो गाॅव शराब से मुक्त हो जाते थे, उन्हें पुरस्कृत किया जाता था। शराबबंदी के लिये अच्छे पोस्टर, अच्छे स्लोगन लिखने वालों को भी पुरस्कृत किया जाता था। उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू करने के लिये बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें सभी लोगों को शामिल किया गया। इस अभियान में छात्रों ने अपने अभिभावकों से शपथ पत्र भरवाकर जमा करवाया। कुल एक करोड़ 19 लाख लोगों द्वारा शपथ पत्र भरे गये। नौ लाख जगहों पर दीवार लेखन कर नारे लिखे गये। 25 हजार जगहों पर नुक्कड़-नाटक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि बिहार में 1 अप्रैल 2016 से ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्ण शराबबंदी लागू की गयी परन्तु माहौल ऐसा बना कि 5 अप्रैल 2016 से पूरे बिहार में (ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र दोनों में) पूर्ण शराबबंदी लागू की गयी। उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू करने के लिये कड़े कानून बनाये गये हैं। आज लोग कानून को डैªकोनियन कह रहे हैं। वर्तमान कानून को 1915 के कानून से तुलना कर देख लीजिये। उन्होंने कहा कि कानून से अकेले शराबबंदी अभियान सफल नहीं हो सकता है। जन चेतना द्वारा इसको सफलता मिल सकती है। गोपालगंज की घटना का जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने ही सरकमस्टांशियल एविडेसों को भी ध्यान में रखने तथा मीडिया में आये लोगों के वक्तव्य का भी मूल्यांकन कर पूरे घटना की जाॅच करने का निर्देश दिया था। शराब की हो रही तस्करी के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब के तस्करी करने वाले तस्करों को पकड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जन चेतना से ही शराबबंदी सफल होगा। शराबबंदी से जो लोगों का लगभग दस हजार करोड़ रूपये बच रहा है, उसे लोग अच्छे कार्यों में खर्च करेंगे। इससे व्यापार बढ़ेगा, लोगों के जीवन स्तर में सुधार आयेगा, बिहार का राजस्व भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अनैतिक धन से किसी का भला नहीं हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू होने से देश भर के शराब माफिया काफी परेशान हैं, उन्हें लगता है कि अगर बिहार इतने बड़े राज्य में शराबबंदी सफलतापूर्वक लागू हुआ तो उनका धंधा बंद हो जायेगा इसलिये वे दुष्प्रचार करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि धैर्य से कठिनाई का सामना करना है। रास्ते में जो भी बाधायें आयेंगी, उन्हें दूर करना है, जन चेतना फैलाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गलत ढ़ंग से लेागों को फॅसाने वालों पर कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि हमने लोगों की इच्छा के अनुरूप कार्य किया है। लोगों से उनकी इच्छा पूछ लीजिये, लोकतंत्र में जनइच्छा सबसे बड़ी चीज है। हम मानवाधिकार के बड़े पक्षधर रहे हैं, किसी निर्दोष को सजा न मिले, उसके लिये भी सब कुछ करेंगे। आज हर गाॅव में परिवार में खुशी का माहौल है। मैंने नौ प्रमण्डलों में महिलाओं के बड़े सम्मेलन में भाग लिया है, उनसे बातचीत की है। उन्होंने कहा कि लोगों की भावना से अभिभूत होकर यह काम किया है। शराबबंदी लागू कर मुझे जो संतोष मिला, वह किसी और कार्य से नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर के आयोजन से लोगों तक ठीक तरह से बात पहुॅचाई जा सकेगी।

इस अवसर पर डाॅ0 राजवर्द्धन आजाद, डाॅ0 सुनील कुमार सिंह, डाॅ0 विनय गोयल, डाॅ0 बी0पी0 सिंह सहित अन्य चिकित्सकों ने समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा चिकित्सकों को प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। जनजीवक कल्याण संघ (आर0एम0पी0) ग्रामीण चिकित्सक की तरफ से मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को शाल एवं प्रतीक चिह्न भेंट किया गया।