ज्ञान उत्पादन को अधिक से अधिक शोध के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है : डॉ. शैबाल गुप्ता

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पटना – मंगलवार को इंडियन कौंसिल आॅफ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर) के अध्यक्ष डॉ. ब्रज बिहारी कुमार ने पटना में कहा कि बिहार के विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों को परिषद में सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान प्रस्तावों को अधिक से अधिक संख्या में भेजना चाहिए। आद्री में शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए डॉ कुमार ने कहा कि ‘‘बिहार कौंसिल को शोध प्रस्ताव भेजने के मामले में बहुत पीछे है। यहां के विश्वविद्यालयों को कौंसिल के पास उच्च गुणवत्ता वाले प्रस्ताव भेजने पर ध्यान देना चाहिए। आईसीएसएसआर को पैसे की कोई कमी नहीं है लेकिन भेजे गए प्रस्ताव उच्च गुणवत्ता वाले और विचारधारा-रहित होना चाहिए।”

अतिथि का परिचय कराते हुए आद्री के सदस्य-सचिव डॉ. शैबाल गुप्ता ने कहा कि ज्ञान उत्पादन को अधिक से अधिक शोध के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है, और सामाजिक विज्ञान इसका एक हिस्सा होना चाहिए। चैथी औद्योगिक क्रांति कृत्रिम बुद्धि और ज्ञान उत्पादन के बारे में है। इस अवसर पर मीडिया के व्यक्ति और अकादमिक सदस्यों समेत प्रोफेसर कुमुदिनी सिन्हा और प्रोफेसर नन्दिनी मेहता भी उपस्थित थी। आद्री की डॉ सुनीता लाल ने इस अवसर पर मेहमानों का स्वागत किया।