टीवी चैनलों की होड़ में सेलिब्रिटी के विवाद

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भव्य सेट, चकाचौंध करती लाइट, सुपर स्टार सलमान खान की सेट पर उपस्थिति किसी भी टीवी कार्यक्रम के सफल होने की गारंटी मानी जा सकती है और उसके दर्शकों की संख्या में भी इजाफा होता है। लेकिन विशाल दर्शक वर्ग के सामने जब किसी भी परिवार का झगड़ा पेश किया जाता है, तो उस शो पर सवाल उठना लाजिमी है।

टीवी शो बिग बॉस में मशहूर क्रिकेटर युवराज सिंह के भाई जोरावर सिंह की अलग रह रहीं पत्नी आकांक्षा शर्मा को प्रतिभागी के रूप में चुना गया और उनके दर्द को इस तरह से पेश किया गया कि युवराज के परिवार ने उन पर जमकर अत्याचार किए। युवराज के परिवार को इस तरह से पेश किया गया, जैसे उसने एक लड़की की जिंदगी बर्बाद कर दी। पूरे शो के दौरान युवराज सिंह या फिर जोरावर सिंह के परिवार का पक्ष सामने नहीं आ पाया। जब पूरा मामला अदालत के विचाराधीन हो और उस पर सुनवाई चल रही हो, तो एक टीवी शो को किसी के भी पारिवारिक झगड़े को सरेआम उछालने का मंच बनाने की इजाजत कैसे दी जा सकती है?

टेलीविजन कार्यक्रमों में सेलिब्रिटी से जुड़ी बातों को खास तवज्जो दी जाती है। चैनल के प्रोड्यूसर्स को लगता है कि सेलिब्रिटी के आते ही दर्शकों की संख्या में जमकर इजाफा होगा। लेकिन दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए क्या किसी पर किसी भी तरह के ऊल-जलूल आरोप लगवाना उचित है? क्या टीआरपी (टेलीविजिन रेटिंग) हासिल करने के लिए किसी की इज्जत उछालने की इजाजत दी जा सकती है? ऐसा नहीं कि इन तिकड़मों से चैनल को स्थायी दर्शक मिलते हों या फिर दर्शकों का विशाल वर्ग इस तरह के झगड़ों को पसंद करता हो। अगर ऐसा होता, तो आकांक्षा शर्मा के आरोपों में दर्शक रस लेते और उन्हें शो में बनाए रखते, लेकिन टीवी शो के दर्शकों ने तो उन्हें दूसरे हफ्ते में ही चलता कर दिया। इन दो हफ्तों में उन्होंने युवराज सिंह की मां शबनम पर भूखे रखने तक का इल्जाम मढ़ दिया।

यह अकेला ऐसा मामला नहीं है। हर बार चैनल इस तरह के विवाद ढूंढ़ ही लेते हैं। पिछले कुछ वर्षों में सेलिब्रिटीज पर जिस तरह के आरोप लगाए गए और उनको टेलीविजन चैनलों ने अपनी दर्शक संख्या बढ़ाने के औजार के रूप में इस्तेमाल किया, उस पर सोचने की जरूरत है। अभिषेक बच्चन की शादी के वक्त भी एक महिला सामने आई थी और उसने अभिषेक की पत्नी होने का दावा किया था। उसे टीवी चैनलों पर घंटों तक दिखाया गया था। इसी तरह, जब सानिया मिर्जा की शादी तय हुई, तो उनके मंगेतर और पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक के मामले में भी इसी तरह का एक मामला उछाला गया था। ऐसे मामलों और आरोपों में कितनी गंभीरता है, यह उस समय भी सभी को पता होता है, लेकिन चैनलों की आपसी होड़ में हर कोई इनको उछालता रहता है, जबकि जरूरत इस तरह के चलन को बंद करने की है।

#अनंत विजय(हिन्दुस्तान)