ट्रांसजेंडर के हितों को लेकर समाज को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत: आरसीपी सिंह

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पटना – जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद आरसीपी सिंह ने ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकार की सुरक्षा बिल, 2019 का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर के अधिकार सुनिश्चित किए जाने जरूरी हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में 1914 में जो आदेश हुआ था, उसको लागू करने की कार्रवाई हो रही है। इस केस में राज्य सरकारें व केंद्र सरकार भी पार्टी थी। ट्रांसजेंडर को समाज में उनका हक दिए जाने की कार्रवाई अब शुरू हुई है। बिहार में तो इस दिशा में काम शुरू हो गया है। सांसद ने विधान परिषद चुनाव के लिए तैयार हो रही वोटर लिस्ट में जेंडर की श्रेणी में पुरुष व महिला के साथ ट्रांसजेंडर को शामिल किए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह एक सुखद एहसास है।

जदयू सांसद ने कहा कि ट्रांसजेंडर को अभी कोई प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं पड़ती है। उनको आगे चलकर लाभ देने की योजना पर काम हो सकता है। ऐसे में उन्हें सेल्फ सर्टिफिकेट की जगह कोई सर्टिफिकेट दिलाने की व्यवस्था हो, ताकि उनकी हकमारी कोई नहीं कर सके। बिल में जिलाधिकारी के सर्टिफिकेट की बात कही गई है। लेकिन, हमें देखना होगा कि इसे आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र की तरह वाली व्यवस्था में नहीं ले जाया जाए। निचले स्तर पर अलग-अलग अथॉरिटी होती है। इसलिए, इस विषय को स्पष्ट किए जाने की जरूरत है।

आरसीपी सिंह ने कहा कि जिस प्रकार से बोर्ड बनाने की बात केंद्रीय स्तर की जा रही है, तो उसमें ध्यान देना होगा कि राज्यों में भी बोर्ड बन चुके हैं। बिहार में तो यह बोर्ड पहले ही बन चुका है। अब इनको आरक्षण की श्रेणी में लाने की बात कही जा रही है। बिहार में इस प्रकार की व्यवस्था हो चुकी है। इनको सोशियो-इकोनोमिक बैकवर्ड श्रेणी में रखा जा रहा है। इसमें दो एनेक्शचर हैं। एनेक्शचर वन अत्यंत पिछड़ा वर्ग की श्रेणी है और एनेक्शचर टू इससे कुछ ऊपर की श्रेणी है। बिहार सरकार ने ट्रांसजेंडर लोगों को एनेक्शचर टू की श्रेणी में डाला है। इसका लाभ उन्हें सरकारी सेवा या एजुकेशनल संस्थानों में दाखिले के दौरान मिल जाएगा।

सांसद ने कहा कि ट्रांसजेंडर लोगों को मेडिकल फैसिलिटी भी बिहार सरकार की ओर से दी जा रही है। इसके तहत सर्जरी कराने के लिए उन्हें डेढ़ लाख रुपए की मदद बिहार सरकार की ओर से दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर श्रेणी के लोगों को अब समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रयास होना चाहिए। इसके लिए हमें लोगों के माइंडसेट को बदलने की जरूरत है। इसके लिए हमें ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के बीच स्किल डेवलपमेंट का कार्यक्रम चलाएंगे। उन्हें अच्छे एजुकेशनल संस्थानों में दाखिले की व्यवस्था करेंगे। सरकारी सेवाओं में नौकरी मिलेगी तो उन्हें भी अपने मन में अलग प्रकार की भावना बनेगी। वे खुद को समाज से जुड़ा महसूस करेंगे। समाज के विकास में अपना योगदान देंगे। इसके लिए हमें भी संकल्प लेना होगा कि उनके हित को ध्यान में रखें। जो समाज दूसरों की खुशियों को बढ़ाने का कार्य करता है, उसे खुद खशी मनाने का मौका मिले, इस प्रकार की व्यवस्था होनी चाहिए।