डॉ०सी०पी०ठाकुर बेलागंज में हुए प्रशासन अत्याचार के खिलाफ में देंगे धरना

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पटना – भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री व सांसद पद्मश्री डॉ०सी०पी०ठाकुर ने गया परिसदन में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 6 सितम्बर को आयोजित भारत बंद के दौरान बेलागंज में प्रशासन द्वारा किए गए निर्दोष लोगों पर अत्याचार के खिलाफ 7 अक्टूबर को गया में धरना दूंगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की बिहार समेत भारत के अन्य राज्यों में बेवजह गिरफ्तारी की गई है, उनलोगों को सरकार के स्तर पर स्वतः छोड़ देना चाहिए। जिन लोगों को मुकदमा में बेवजह फंसाया गया है, उनसभी के मुकदमा को खत्म कर देना चाहिए। इसमें छोटे-छोटे बच्चों को भी गिरफ्तार किया गया है, बच्चियों एवं महिलाओं को तंग किया गया है। यह सरासर अनुचित है।

डॉ ठाकुर ने कहा वे सभी अपने हक़ के लिए लड़ रहे थे। वे कोई अपराधी तो थे नहीं। इसलिए सरकार उसे अविलंब छोड़ दे। डॉ०ठाकुर ने कहा कि सवर्णों को भी आरक्षण मिलना चाहिए। आज बड़े संख्या में ऐसे सवर्ण हैं जो गरीब हैं, सरकार इन गरीब सवर्णों के लिए कुछ करे। उन्होंने कहा कि आरक्षण का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है और कमजोर लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए। इसपर सरकार अविलंब व्यापक रूप से विचार करे।

डॉ०ठाकुर ने कहा गरीब, गरीब होता है फिर चाहे सवर्ण हो अथवा पिछड़े वर्ग या दलित समुदाय का हो। जरूरतमंद लोगों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। देश की आज़ादी की लड़ाई और देश के विकास में सभी वर्गों का बराबर का योगदान रहा है। इसलिए किसी वर्ग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। जो गरीब और पिछड़ी जाति के लोग हैं उन्हें आरक्षण देकर मुख्यधारा में लाना चाहिए। लेकिन जो अगड़ी जाति में आर्थिक रूप से पिछड़े हैं उन्हें भी सभी की तरह मुख्यधारा से जोड़ना चाहिए।

साथ ही डॉ०ठाकुर ने कहा कि 21 सितम्बर को सवर्ण नवयुवक एवं बच्चों द्वारा पटना में निकाले गए शांतिपूर्ण मार्च पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उस शांतिपूर्ण मार्च में सभी पढ़ने-लिखने वाले बच्चे शामिल थे। वे सभी अपने भविष्य के लिए लड़ रहे थे। वे कोई अपराधी तो थे नहीं। वे सभी बिना कोई अशांति किए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए जा रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसी प्रकार का हिंसा नहीं कर रहे थे, उन पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के लाठीचार्ज किया गया, जिसके कारण कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस लाठीचार्ज से पहले पानी का फब्बारा या आंसू गैस के गोले छोड़ सकती थी। लेकिन ऐसा करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर अमानवीय और विद्वेष की भावना से लाठीचार्ज किया, यह सरासर अनुचित है।

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ०ठाकुर के साथ भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुमार, भाजपा नेता मुकेश कुमार, अमित कुमार, रामकिशोर पासवान, मनंजय सिंह, ऋषिकेश सिंह, युवा मोर्चा के अभिषेक कुमार, गणेश जी, आयुष कुमार इत्यादि उपस्थित थे।