तीन तलाक की सही तस्वीर दिखाएगी ‘फिर उसी मोड़ पर’

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मुंबई – ट्रिपल तलाक़ का मुद्दा राजनीति में भी गर्माता रहा है और समाज में भी इस विषय को लेकर बहस चलती रही है। मुद्दे का समाधान न निकलते देख सिनेमा को आगे आना पड़ा। जागरूक निर्माता—निर्देशकों ने इस विषय को अपनी कहानी का हिस्सा बनाया और तैयार की एक संदेशपरक फ़िल्म ‘फिर उसी मोड़ पर’। यकीनन, यह एक गंभीर विषय है जिसे लेकर समाज को सोचने की जरूरत है।

अभिनेता कंवलजीत सिंह का गुस्सा जायज़ दिखता है, जब वह भड़कते हुए अंदाज़ में कहते हैं कि तीन तलाक जैसी चीज आज के मॉडर्न ज़माने में हो रही है। पुरुष एसएमएस करके या फोन पर तीन तलाक दे देते है और महिला को कह देते है “जा तुझे छोड़ा”। यह न अक्ल की बात है, न कोई सही बात है। मुझे सोशली तीन तलाक ठीक नही लगता। कंवलजीत सिंह ने यह भी कहा कि यह फ़िल्म किसी विशेष पार्टी को खुश करने के लिए नही बनाई गई है। लेख टन्डन जैसे लेखक निर्देशक इस सोच के साथ फ़िल्म कतई नही बना सकते। समाज का एक ईशू उनके दिल पर लगा और उन्होंने इसे फ़िल्म का रूप दे दिया।

इस फ़िल्म की विशेषता यह है कि इसे देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के भतीजे त्रिनेत्र बाजपाई ने प्रोड्यूस की है। कंवलजीत सिंह, परमीत सेठी, भरत कपूर, गोविंद नामदेव, कनिका बाजपेयी, विनीता मलिक, शिखा इतकार और जीविधा के अभिनय से सजी इस फ़िल्म के गाने नक्श लायलपुरी, अहमद वसी और इरशाद कामिल ने लिखे है जबकि फ़िल्म के सह लेखक और निर्देशक सुरेश प्रेमवती बिश्नोई हैं।आपको बता दें कि इस फ़िल्म को बर्लिन फ़िल्म फेस्टिवल में दिखाया गया है और इसे गोल्डन ट्रायंगल इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल में बेस्ट म्यूजिक का अवार्ड दिया गया है। इस फ़िल्म के अभिनेता कंवलजीत सिंह ने स्वर्गीय निर्देशक लेख टन्डन से अपने पुराने और गहरे रिश्ते का ज़िक्र किया और कहा कि फ़िल्म में शाहरुख खान या अक्षय कुमार नही है लेकिन फ़िल्म लोगों की आंख खोलने वाली है।