तेजस्वी, अपनी न्याय यात्रा में सत्य स्वीकारें – नीरज

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पटना- जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि राजद के प्रमुख लालू प्रसाद जहां रांची में जेल की सजा काट रहे हैं, वहीं उनके पुत्र और ’दागी युवराज’ तेजस्वी प्रसाद आज से कटिहार जिले से अपनी कथित ’न्याययात्रा’ की शुरूआत कर रहे हैं। जद (यू) ने तेजस्वी की मां और राजद के उपाध्यक्ष राबड़ी देवी से जिन जिले में तेजस्वी जा रहे हैं, उन जिलो में राजद के शासनकाल के कामकाज का हिसाब मांगा था। परंतु उनकी मजबूरी हो सकती है कि उन्होंने अब तक हिसाब नहीं दिया। राजद वर्तमान शासनकाल की तुलना में धरातल और तथ्यों के मामले में कहीं नहीं ठहरता। ऐसे में जद (यू) उन्हें हकीकत से रूबरू करवा रही है। आशा है कि इन आंकड़ों से राजद के नेताओं के आंख पर से पट्टी हटेगी और तेजस्वी जी अपनी इस यात्रा में उन जिलों में अपनी बेनामी संपत्ति का भी खुलासा करेंगे, जिस जिले में वे जाएंगे।

राजद के 15 साल के शासनकाल की तुलना में नीतीश कुमार के 12 साल के मुख्यमंत्रित्व काल में कटिहार जिले में जहां हत्या के मामलों में 23 प्रतिशत की गिरावट आई, वहीँ डकैती के मामलों में 66.50 प्रतिशत, फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में 54 प्रतिशत तथा सड़क डकैती के मामलों में करीब 46 प्रतिशत की गिरावट आयी है। नीतीश के कार्यकाल में कटिहार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 2,264 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है, जबकि 1,745 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है तथा 518 किलोमीटर निर्माणाधीन है। इसी तरह 1,700 किलोमीटर पथ प्रस्तावित हैं। राजद के शासनकाल में तो सड़क की दुर्दशा देश में चर्चित थी।

राजद के शासनकाल में जमीन अपने नाम करवाने का खेल भले चला, परन्तु नीतीश की सरकार कटिहार जिले में अब तक 112 कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवा चुकी है। राजद के शासनकाल में यह उपलब्धि शून्य है, राजद की सरकार ने इस योजना को प्रारंभ करने की सोची तक नहीं थी। इसी तरह युवाओं में हुनर के लिए कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 5,250 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है तथा मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता योजना के तहत 1,458 लोगों को भत्ता दिया जा रहा है।

तेजस्वी, राजद के शासनकाल में ’चरवाहा विद्यालय’ खोला जा रहा था, परन्तु वर्तमान सरकार में शिक्षा पर विशेष ध्यान है। कटिहार जिले में 2005-06 में कुल स्कूलों की संख्या जहां 1,281 और शिक्षकों की संख्या 5180 थी, वहीं 2015-16 में स्कूलों की संख्या बढ़कर 2,168 व शिक्षकों की संख्या 14,509 हो गई है। इसी तरह स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या में 2005-2006 में जहां 3,46,003 थी वहीं 2015-16 में यह संख्या 7,28,845 हो गई, जो उस समय से करीब दोगुनी है।

कटिहार जिले में नीतीश के शासनकाल में 20 उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय हुए जबकि 30 मध्य से माध्यमिक विद्यालय बनें। अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत 2010-11 से 2014-15 तक 21,750 छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। ’दागी’ तेजस्वी , आपके पिताजी तो अपनी करनी का फल भोग ही रहे हैं, आप भी उन्हीं के रास्ते में नहीं चलते हुए नकारात्मक राजनीति छोड़ विकास और सकारात्मक राजनीति की ओर मुड़िये, नहीं तो लोकतंत्र में ’युवराज’ और परिवारवाद नहीं चलती।