तेजस्वी आप लोगों को बिहार का यह बढ़ता सम्मान अच्छा कैसे लगेगा, जो रोज चुनिंदा घटनाओं पर छाती पीट कर ऱाज्य को बदनाम करने में लगे हैं? : संजय सिंह

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पटना – जेडी(यू) मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा है कि तेजस्वी यादव जैसे सरीखे नेता बिहार बजट की आलोचना कर रहे हैं, इसे खोखला बता रहे हैं, तो उन्हें बिहार के विकास से तो कोई मतलब ना पहले था और ना अब है। वो अपनी राजनीतिक उल्लू सीधा करने कुछ भी बयान दे देते हैं। जबकि उन्हें बजट के ‘ब’ का भी ज्ञान नहीं है। बस वो ये चाहते है कि उनके काले कमाई का बजट बढ़ता रहे।

प्रवक्ता ने कहा तेजस्वी यादव जी , नीतीश कुमार की सरकार ने इतना बेहतर वित्तीय प्रबंधन किया कि 2017-18 में विकास दर 2 फीसद बढ़ी। आज हमारा बजट 2 लाख 5 सौ 1 करोड़ हो गया है, इसमें एक लाख करोड़ से ज्यादा योजना मद में खर्च किये जायेंगे। देश के कई राज्य हमारी अर्थव्यवस्था को फॉलो कर रहे हैं। इसका स्वागत करने के बजाय ईर्ष्यालु, भ्रष्टाचार समर्थक और अविश्वसनीय पार्टियां बजट का विरोध कर रही हैं। इसे खोखला बताने वालों की आर्थिक समझ खोखली है, लेकिन उनका दिवालियापन दूर करने के लिए सरकार कुछ नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा तेजस्वी यादव जी , एनडीए सरकार में बिहार का राजकोषीय घाटा लगातार तीन फीसदी से कम रहा। आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक विकास पर हमारा व्यय पर बेहतर रहा। सरकार की शराबबंदी नीति ने गरीबों की किस्मत बदल दी। इस साल आर्थिक और सामाजिक सुधार के लिए उसी बिहार को 11 अलग-अलग पुरस्कार मिले, जिसे 15 साल के लालू-राबड़ी राज में बीमारू और पिछड़ा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई थी।

संजय ने कहा तेजस्वी यादव जी, आप लोगो को बिहार का यह बढ़ता सम्मान अच्छा कैसे लगेगा, जो रोज चुनिंदा घटनाओं पर छाती पीट कर ऱाज्य को बदनाम करने में लगे हैं? 2004-05 के बजट से आठ गुणा ज्यादा धनराशि के इस बजट में पूंजीगत व्यय पर 45 हजार 270 हजार करोड़ खर्च होंगे। वेतन पेंशन पर भी सरकार का ध्यान है, जिसमें संविदाकर्मी भी शामिल हैं। बिहार की खुदरा महंगाई दर 2.7 पर नियंत्रित है। विरोधियों से महंगाई का मुद्दा छिन गया और जनता को सामान वाजिब दाम पर मिल रहे हैं। क्या इसी लिए बजट खोखला है?

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव जी, नीतीश कुमार का प्रबंधन ही है कि बिहार लगातार विकास की डगर पर तेज दौड़ रहा है। 34 हजार 798 करोड़ रुपए शिक्षा पर,लगभग 18 हजार करोड़ रुपए सड़कों पर और ग्रामीण विकास पर 15 हजार 669 करोड़ खर्च किये जांएंगे। राज्य के सभी गांवों में समय से पहले बिजली पहुंच गई है। बिहार लालटेन युग से मुक्त हो गया है। बिहार हर घर बिजली पहुँचाने देश का आठवां राज्य बन गया है। अब ये सारी विकास की बात उनलोगों को पच नहीं रही है जो सिर्फ अपनी जेब भरने में विश्वास रखते थे।