तेजस्वी के लिए मांझी साथ में ‘रत्न’ भी लेकर आए – नीरज

2094
0
SHARE

पटना की बजाए राजद को अपना पार्टी कार्यालय रांची के होटवार जेल शिफ्ट कर लेना चाहिए. पार्टी के विधायक और सांसद को परिक्रमा करना नहीं करना पड़ेगा, ऐसे भी वहीं से पार्टी के लिए सबकुछ तय होना है.

पटना- जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा एक ओर जहां राजद की दुर्दिन की कहानी यह है कि पूरी पार्टी रांची के होटवार जेल से नियंत्रित हो रही है, वहीं राजद के नए साथी जीतन राम मांझी भी अपने नए ’सिपहसलार’ बिहार और उत्तर प्रदेश के चेहरे राजन तिवारी के भी साथ लाए हैं। ऐसे में तेजस्वी जी को न केवल ’पिता तुल्य’ मांझी जी का साथ मिला बल्कि राजन तिवारी जैसे ’रत्न’ की प्राप्ति हुई है।

वैसे, इसमें न गलती मांझी की है और नाही गलती तेजस्वी जी है। जानकारी मिली है कि होटवार जेल में सजा काट रहे राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद का यही निर्देश अपने पुत्र ’दागी’ तेजस्वी को है कि जितने भी बिहार, यूपी और झारखंड के अपराधी हों, उन्हें राजद के साथ लाया जाए।

अब इसका पुख्ता प्रमाण भी मिल गया कि संवाददाता सम्मेलन में हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रदेश अध्यक्ष वृषिण पटेल, जो होटवार जेल और अदालत जाकर लालू से निर्देश और आदेश प्राप्त कर वापस आए थे, उनके ठीक पीछे राजद और हम के नए कर्णधार राजन तिवारी को कुर्सी दी गई।

मांझी और तेजस्वी तो आसपास रहे ही

आखिर किसी पार्टी के लिए इससे बड़ा दुर्दिन क्या होगा कि उसका नेतृत्वकर्ता पड़ोसी राज्य की राजधानी रांची के जेल में सजा काट रहा हो और उस पार्टी का मुख्य सलाहकार देश की राजधानी दिल्ली के तिहाड़ जेल में सजा काट रहा हो।

’दागी’ तेजस्वी को सलाह है कि वह अब पटना की बजाए अपनी पार्टी का कार्यालय रांची के होटवार जेल के समीप या रांची अदालत के आसपास खोल लें। आखिर पार्टी के विधायक और सांसद तक को भी इन दोनों जगहों पर अपने अध्यक्ष से मुलाकात करने के लिए और ऐसे भी वहीं से पार्टी के लिए सबकुछ तय होना है। आखिर राज्यसभा और विधान परिषद का टिकट जब भ्रष्टाचार में सजा काट रहे जेल में बंद अध्यक्ष तय करेंगे तो टिकटार्थी भी तो अदालत और जेल का ही चक्कर काटेगा।