दंबग जेलर की दबंगई

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मुंगेर – मंडल कारा में जेलर निर्मल कुमार प्रभात की दबंगई रुकने नाम नहीं ले रहा है. जेलर आए दिन कैदियों के साथ बुरा बर्ताव करते हैं. वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन जेलर के इस बर्ताव पर चुप्पी साधे हुए है जिसके कारण मंडल कारा में अराजकता का माहौल बना हुआ है.

मंडल कारा के जेलर निर्मल कुमार प्रभात अपनी दबंगई को लेकर इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं. आए दिन मंडल कारा के अन्दर बन्दियों के साथ गाली-गलोज और मारपीट करते हैं. इन्होंने बीते 16 अप्रैल की सुबह भी एक बन्दी को बुरी तरह से पीटा और बन्दी की स्थिती ख़राब होने के कारण लगभग 20 घंटो बाद आज सुबह चार बजे लाज के लिए उस बन्दी को मुंगेर सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में भरती कराया गया.

बता दें कि बहेरा गालीमपुर के शैम्पू सिंह पिछले चार वर्षों से एक हत्या के प्रयास मामले में जेल में बन्द हैं. इन्हें न्यायालय से इस मामले में बेल मिल चूका है परन्तु जज का जिला से तबादला होने के कारण ये समय पर जेल से बाहर नहीं आ सका है. कल इसे जेलर ने कैदियों की मुखबिरी के लिए कहा था पर जब इसने इंकार किया तो जेलर निर्मल कुमार बुरी तरहा से पीटा.

बताया जाता है कि जेलर का कोई नया मामला नहीं है जेलर ने इससे पहले भी कई बन्दियों को पीटा है. बन्दियों की मानें तो पैसों के लिए जेलर हमेशा बन्दियों की पिटाई करते रहते हैं. जो पैसा जेलर को देता है वो ठीक तरह से जेल के अन्दर रहता है और जो पैसा नहीं देता उसके पास आपत्तिजनक सामान मिलने का बहाना बनाकर जेलर के द्वारा पीटा जाता है.

वहीं इस मामले में जब मीडिया के लोगों ने जेल अधीक्षक से पूछा तो कैमरे पर वो जेलर का बचाव करते नजर आए साथ ही मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर अनभिगता जताते नजर आए. सूत्रों की माने तो जेलर निर्मल कुमार प्रभात के भ्रष्ट होने के कारण जेल के अन्दर अराजकता का माहौल बना हुआ है और आठ अप्रैल को जेल सिपाही अजित कुमार पर ड्यूटी के दौरान जानलेवा हमला के लिए जेलर निर्मल कुमार को दोषी ठहराया जा रहा है.