दहेज की खातिर वायु सेना के जवान ने अपनी पत्नी को मारपीट कर निकाला

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शेखपुरा- एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों पर अंकुश लगाने के लिए सामाजिक जागरुकता के प्रति लगातार अभियान चला रहे हैं। वहीं इसके बावजूद आए दिन दहेज को लेकर घरेलू हिंसा का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में वायु सेना में कार्यरत एक जवान द्वारा दहेज की खातिर अपनी पत्नी को मारपीट कर घर से निकाल दिये जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के पश्चात पीड़ित पत्नी अपने दुधमुंहे बच्चे के साथ न्याय के लिए दर-दर की ठोकरे खाने को विवश। इस बाबत पीड़िता ने महिला थाने में फ़रियाद लगायी है। इस हाई प्रोफाइल मामले का मुख्य आरोपी उसका पति बताया जा रहा है।

पीड़िता अरियरी थाना क्षेत्र अंतर्गत हुसैनाबाद गांव निवासी शिवनंदन प्रसाद की पुत्री स्वाति कुमारी बताई जाती है। दहेज प्रताड़ना के इस मामले में पीड़िता स्वाति ने अपने पति व शहर के खांड पर मोहल्ला निवासी अनिल प्रसाद के पुत्र प्रमित भारती उर्फ़ सोनू के अलावा ससुर एवं मौसेरी सास बिंदु देवी को नामजद अभियुक्त बनाया है। इस मामले में पीड़िता ने बताया कि शादी के छः माह बाद से ही पति द्वारा दहेज़ के लिए लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा था।

चंडीगढ़ में पोस्टेड है आरोपी जवान

दहेज प्रताड़ना केस मामले में आरोपी जवान फिलहाल चंडीगढ़ में पोस्टेड है। पीड़िता ने बताया कि उनका पति वायु सेना में पदस्थापित है, जिसका यूनिट संख्या AN 32T/F है तथा उनकी पोस्टिंग 12 विंग चंडीगढ़ में है। वायु सेना में कार्यरत रहने के बावजूद की ऐसी हरकत से उन पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।

आपसी रजामंदी से टूटी थी स्वाति की पहली शादी

पीड़िता स्वाति की पहली शादी 2004 में ही हो गई थी। हालांकि यह शादी 2008 में दोनों परिवारों के आपसी सहमति से टूट गई थी। स्वाति की पहली शादी नालंदा जिला के दुर्गापुर गांव स्थित बृज नंदन प्रसाद के पुत्र विक्की कुमार से हुई थी। पीड़िता ने बताया कि पहली शादी के बारे में उनके दूसरे पति व वायुसेना जवान प्रमित एवं अन्य परिजनों को पूरी तरह बता दिया गया था।

प्रेम प्रसंग में प्रमित से हुई थी दूसरी शादी

दहेज प्रताड़ना के इस मामले से पूर्व प्रेम प्रसंग में स्वाति की दूसरी शादी प्रमित से हुई थी। महिला थानाध्यक्ष सुधा कुमारी ने बताया कि शादी के पूर्व से ही दोनों परिचित थे और इसी क्रम में दोनों में प्रेम- प्रसंग का मामला आगे बढ़ा और दोनों ने शादी रचाई। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 18 जून 2016 को शेखपुरा से नॉटरी के तहत दोनों के बीच विवाह हुआ था। इसके बाद स्वाति ने कहा कि 2 मार्च 2017 को हिंदू रीति-रिवाज के साथ दोनों पक्षों की सहमति से पटना के गायघाट स्थित दुर्गा मंदिर में शादी हुई। इस शादी के बाद स्वाति अपने ससुराल खांड पर मुहल्ले आकर रहने लगी। इसके बाद पढ़ाई के लिए वह पटना के कुम्हरार में एक किराए के मकान में रहने लगी। इस दौरान जब भी उसके पति को छुट्टी मिलता था तब वह पटना में ही स्वाति के साथ समय बिताता था। स्वाति ने विवाह सम्बंधित दर्जनों दस्तावेज भी पुलिस को सौंपा है।

20 लाख रुपए एवं चार पहिया वाहन की मांग

पीड़िता ने कहा कि शादी के 6 महीने बाद से ही उससे दहेज की मांग की जाने लगी। इस दौरान उससे 20 लाख रुपए के साथ एक चार पहिया वाहन की मांग की गई। दहेज की इतनी भारी रकम देने में जब उन लोगों ने असमर्थता जताई तो उसे प्रताड़ित किया जाने लगा और फिर जब वह गर्भवती थी तभी उसे घर से निकाल दिया गया। बच्चा होने के पश्चात फिर जब वह दुधमुंहे बच्चे को लेकर ससुराल वालों से एक बार फिर गुहार लगाई तब भी उसके पति और ससुराल वालों ने मारपीट कर उसे भगा दिया।

मामले की छानबीन में जुटी पुलिस

वायु सेना में पदस्थापित कर्मी के विरुद्ध दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज होने के पश्चात पुलिस छानबीन में जुट गई है। महिला थानाध्यक्ष सुधा कुमारी ने बताया कि मामला काफी गंभीर है। उन्होंने बताया कि इस मामले की गहराई से छानबीन शुरु कर दी गई है।

गौरतलब है कि एक तरह बिहार सरकार दहेजबंदी प्रथा को लेकर दृढ संकल्पित है और दूसरी स्वाति द्वारा लगाए गए आरोप दहेजबंदी प्रथा के नियमों पर जोरदार तमाचा लगा रही है। सवाल अब यह उठता है क्या ऐसे ही बदलेगा बिहार ?WhatsApp Image 2017-11-02 at 7.37.40 AM