दहेज के बिना शादी अभियान पर लोगों की भावना मजबूत हो रही है- मुख्यमंत्री

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पटना:- आज 1 अणे मार्ग स्थित लोक संवाद में लोक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, भवन निर्माण, ऊर्जा, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, नगर विकास एवं आवास, पंचायती राज, जल संसाधन, लघु जल संसाधन, उद्योग, गन्ना उद्योग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, सूचना प्रावैधिकी एवं पर्यटन विभाग से संबंधित मामलों पर पांच लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को अपना सुझाव दिया गया।

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में पटना से दोरोधी फर्नांडिस, पटना से सुबोध कुमार, पूर्णिया से विजय कुमार आर्य, पटना से देश गौतम तथा खगड़िया से कुणाल कुमार सिंह ने अपने-अपने सुझाव एवं राय मुख्यमंत्री को दिये। प्राप्त सुझाव एवं राय पर संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव ने वस्तुस्थिति को स्पष्ट किया। लोगों से प्राप्त सुझाव एवं राय पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव को कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया।

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा, पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, लघु जल संसाधन मंत्री एवं आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चन्द्र यादव, उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह, पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, प्रधान सचिव मंत्रिमण्डल समन्वय ब्रजेष मेहरोत्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा सहित संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव उपस्थित थे।

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के पष्चात पत्रकारों द्वारा पद्मावती फिल्म के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के बड़े हिस्से के मन में ऐतिहासिक रुप में उनके प्रति सम्मान है। समाज के उन हिस्सों को लगता है कि उनको भ्रमित किया गया है। फिल्म बनाने वालों को इसे दूर करना चाहिए, स्पष्ट करना चाहिए ताकि की लोगों के मन से भ्रम दूर हो। सेंसर बोर्ड का काम है फिल्म को रिलीज करना, अभी तो फिल्म को सेंसर बोर्ड ने ही रिलीज नहीं किया है।

मुख्यमंत्री की प्रस्तावित यात्रा के दौरान समान काम के बदले समान वेतन के संबंध में पूछे गये प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी यात्रा से इसका क्या लेना देना। हमारी यात्रा विकास की समीक्षा यात्रा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में विभिन्न जिलों के जिन 19 गांवों में हम ठहरे थे, वहीं पर जाएंगे और विकास की समीक्षा करेंगे, योजनाओं की समीक्षा करेंगे। वहां पर जिले के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण के साथ बैठक होती है, उनके बारे में, उनके मकसद को समझने की कोशिश करते हैं। सारे लोगों की राय की समीक्षा करते हैं। यह सरकारी सेवा की समीक्षा नहीं है। जो उस तरह के मकसद वाले हैं उनको ये बात समझ में नहीं आएगी। सेवक क्या मांग करते हैं, उसके लिए यह यात्रा नहीं है। हमारे यात्रा का मकसद, कामों की समीक्षा करना है।

कांग्रेस पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका आंतरिक मामला है। सबको मालूम है कि कांग्रेस का एक नंबर का पद तय होता है। उसके बाद जिसको जो स्थान मिले। पार्टी की यही परंपरा, यही संस्कार है। हरेक पार्टी में शीर्ष स्तर पर चुनाव न होने के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों की पार्टी में कई स्तर पर चुनाव होता है। पंचायत, प्रखंड, जिला, राज्य, केंद्रीय सब स्तर पर चुनाव होता है लेकिन शीर्ष स्तर पर अगर कोई दूसरा कोई खड़ा ही नहीं होगा तो चुनाव क्यों होगा।

दहेज के बिना शादी अभियान में तेजी के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि चारो तरफ लोगों की भावना मजबूत हो रही है। कई ऐसी शादियां हो रही हैं, इसको गति मिलनी चाहिए। सामाजिक सुधार की दिशा में लोग जुड़ रहे हैं। हमारी जो यात्रा है, उस दौरान योजना की समीक्षा तो करेंगे ही उसके साथ-साथ जो समाज सुधार का काम हो रहा है चाहे शराबबंदी का हो या बाल विवाह या दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान हो, उन चीजों पर भी चर्चा होगी। 21 जनवरी 2018 को मानव श्रृंखला बनेगी जिसमें शराबबंदी, नशामुक्ति के साथ-साथ बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान को भी शामिल किया जाएगा। लोगों को इसके कानून के बारे में और इसके दुष्परिणाम के बारे में बताएंगे, एक-एक चीज की जानकारी दी जाएगी।

बालू-गिट्टी से संबंधित पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बालू-गिट्टी की बिक्री पहले वाली व्यवस्था पर ही चल रही है। हमलोगों ने जो नई नियमावली बनायी है, उस पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। हमलोगों की सोच सिर्फ यही रही है कि बालू-गिट्टी का व्यापार हो, धंधेबाजी नहीं। जो कानून तोड़ते थे उनको चेक करने की हमारी नियति रही है, जिन्होंने हिदायतों का उल्लंघन किया, जो गड़बड़ी कर रहे थे, पर्यावरण का ख्याल नहीं कर रहे थे, उनको रोकना हमारा मकसद है। कंस्ट्रक्शन मेटेरियल के रुप में किसी को कोई परेशानी नहीं हो, मुख्य सचिव के स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग चल रही है। अगर पहले वाली व्यवस्था से रेट ज्यादा ली जा रही है तो हम उसके बारे में पूछेंगे। हमारी अवधारणा यही है कि पर्यावरण की रक्षा हो और नियमसंगत तरीके से इसका व्यापार हो।

बी0पी0एस0सी0 में हुए धांधली से संबंधित पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बी0पी0एस0सी0 एक संवैधानिक संस्था है। इस संबंध में अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके पास शिकायत करनी चाहिए और उनसे पूछना चाहिये। पिछले 10-12 वर्षों से तो कोई शिकायत नहीं मिली है।
स्कूलों में किताबों की उपलब्धता की देरी के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों का विचार है कि पुस्तक के बदले विद्यार्थियों को पैसा ही दे दिया जाए। पहले भी हमलोगों ने विद्यार्थियों को साइकिल, पोशाक के लिए पैसा दिया था। उन्होंने अपने तरीके से उसकी खरीदारी की थी। पुस्तकों की छपाई से वितरण तक में काफी समय लगता है, फिर भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाता है। टेक्सटबुक का जिलास्तर पर प्रिंटिंग हो। टेक्सटबुक में कोई गड़बड़ी न हो, अच्छी तरह से पुस्तक की छपायी हो। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री एवं उनके सचिव से मेरी बात हुई है, निर्णय होने में वक्त लग रहा है, लेकिन मेरे समझ से यह एक अच्छी व्यवस्था होगी।

गुजरात चुनाव से संबंधित पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में बी0जे0पी0 बहुत मजबूती से चुनाव जीतेगी। गुजरात के लोगों के लिए यह गौरव का विषय है कि उनके अपने धरती के पुत्र प्रधानमंत्री बने हैं। उनके समर्थन में लोग वोट करेंगे, मेरी अपनी ऐसी धारणा है। लोग वोट के लिए कहीं भी जा रहे हैं, आज कल अपने आप को जनेऊधारी हिंदू सिद्ध कर रहे हैं। सामाजिक दृष्टि से अपने आपको अलग सिद्ध कर रहे हैं। जो जनेऊ नहीं पहन रहे हैं, क्या वो हिंदू नहीं हैं, बिना जनेऊ वाले भी हिंदू होते हैं। हमलोग जय प्रकाश नाराय के अनुयायी हैं। एक जगह उन्हें जनेऊ दिया गया था, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया था। हजार लोगों ने उनके सामने जनेऊ त्याग किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में जितनी अल्पसंख्यकों की आबादी है, क्या उसकी तुलना में टिकट मिला है। अहमद पटेल तो कहीं नजर ही नहीं आ रहे हैं। इतनी घबराहट, इतनी बेचैनी साफ दिख रही है। ट्वीटर वार के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पेपर पढ़ने में मन लगता है। उसी दौरान मेरे मन में विचार आया कि सोशल मीडिया पर भी कुछ मीठे व्यंग्य किये जायें, उसमें कोई भी अपशब्द नहीं है, तीखा व्यंग्य नहीं है। अभी तक मेरे पांच ट्वीट देखिएगा तो कहीं भी कोई अपशब्द नहीं है और ना ही किसी का नाम है। सिर्फ आईना दिखा दिया है। मैंने कभी अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया है। सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री 12 साल से हूं और केंद्र सरकार से कोई सुरक्षा नहीं मिली है, न मैं इसके बारे में सोचता हूं और ना ही इसमें मेरी दिलचस्पी है।

प्रमोशन में आरक्षण से संबंधित पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि रामविलास की राय से हम सहमत हैं। पहले से भी हमारी वहीं राय रही है। सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा बनायी गई व्यवस्था के अनुरुप हम अपने राज्य में सरकारी सेवाओं में आरक्षण नियम का पालन कर रहे हैं। प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था को हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। निजी क्षेत्र में भी आरक्षण मिलना चाहिए। संविधान में सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन को आरक्षण का आधार बनाया गया है।

समान अवसर का सिद्धांत को अपनाया गया है। राष्ट्रनायकों ने यह तय किया था कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत जो सदियों से उपेक्षित रहे हैं, समाज के उस तबका को मुख्य धारा में बराबरी का हक मिले, इसमें समय लगेगा लेकिन स्थिति में सुधार हो रहा है। आर्थिक आधार पर पिछड़े लोगों के लिए भी अन्य प्रकार की सुविधाएं मिलनी चाहिए। हमलोगों ने साइकिल योजना, पोशाक योजना सबके लिए चलायी। हमारी सभी योजनायें सार्वभौमिक हैं। देशरत्न राजेंद्र बाबू के नाम पर छात्रवृति योजना की शुरुआत की गई है। अंत्तोगत्वा सबको बराबरी पर लाना है, इस तरह से हमलोग अपनी योजनायें बनाते हैं।