दिल्ली के फिल्मिस्तान फैक्ट्री के आग ने सहरसा के नरियार गाँव में मचाया कोहराम

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मुकेश कुमार सिंह

सहरसा – दिल्ली के फिल्मिस्तान फैक्ट्री के आग ने सहरसा के नरियार गाँव में कोहराम मचा दिया है। यहाँ के तक़रीबन 35 से 40 लोग जैकेट फैक्ट्री में काम करते हैं। फैक्ट्री मालिक जुबैर भी नरियार गाँव का ही है रहनेवाला। जो यहाँ से लड़कों को अपने फैक्ट्री में ले जाकर वहां जैकेट तैयार करवाने का काम करता था। नरियार गाँव के सभी लड़के के घर पर कोहराम मचा हुआ है। किसी का संपर्क वहां काम करने वाले लड़कों से नहीं हो पा रहा है

ज्यादातर पीड़ित परिवार के लोग दिल्ली की ओर निकल चुके हैं तो कई परिवार ऐसे है जिनके घर पर विलाप और मातम से माहौल गमगीन बना हुआ है। मोहम्मद संजीम के घरवालों को तो मौत की भी सूचना मिल चुकी है।

संजीम के परिजन मोहम्मद वसिम ने कहा कि फोन पर मुझे मौत की सुचना मिली है। इसी तरह नसीम, फैशल ,संजार ,संजीम ,राशिद ,मुबारक ,ग्यास के घर कोहराम मचा हुआ है। किसी का पति किसी का बेटा तो किसी का भाई उस फैक्ट्री में काम करता था। गाँव के ही फैक्ट्री मालिक जुबैर के घर पर भी कोई नहीं है। न ही फैक्ट्री मालिक जुबैर से पीड़ित परिजन की कोई बात हो पा रही है। सभी के घर कोहराम मचा हुआ है।

ग्रामीण अख्तर खान का कहना है कि लोगों के जरिए सूचना मिल रही है कि सदर बाजार दिल्ली के फैक्ट्री में आग लगी हुई है ,इस गाँव के 40 से 45 लड़के वहां काम करते है सभी के घर कोहराम मचा हुआ है। नरियार का ही फैक्ट्री मालिक है। जो यहाँ के बच्चों को जैकेट फैक्ट्री में काम करवाने ले गया था, किसी से कोई संपर्क नहीं हो रहा है। राशिद की माँ रो रही है इन्हे अपने बच्चे की कोई खबर नहीं मिल पा रही है बीते 6 महीनो से वो जैकेट फैक्ट्री में काम करता था, इनका बच्चा नहीं मिल पा रहा है। ग्यास, मुबारक के घर परिजनों का रो-रोकर हाल बुरा है।

सबाना खातून रोती हुई कहती है मेरा दो-दो भाई ग्यास और मुबारक का कोई पता नहीं है। जैकेट फैक्ट्री में काम करनेवाले संजार के पिता मोहम्मद जुम्मन कहते है मेरे लड़का संजार नहीं मिल रहा है,यहाँ के 35 से 40 लड़के फैक्ट्री में काम करते है। फिलवक्त बचे हुए परिवार के लोग दिल्ली की ओर निकल रहे है। अब देखना लाजिमी होगा कई दिल्ली में मरनेवाले लोगों में सहरसा के नरियार गाँव के कितने लोग है।