देश में प्रति एक हज़ार में तीन बच्चे सेरिब्रल पैल्सि से ग्रसित : डॉ राजेश

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आदित्यानंद आर्य की रिपोर्ट

सीतामढ़ी- आरोग्या फाउंडेशन फॉर हेल्थ प्रमोशन एवं कम्युनिटी बेस्ड रिहैबिलिटेशन द्वारा डुमरा रोड स्थित “दिव्यांगण” केंद्र विश्व सेरिब्रल पैल्सि  दिवस का आयोजन किया गया। लायंस क्लब सीतामढ़ी युथ के तत्वाधान में आयोजित उक्त जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम सेरिब्रल पैल्सि से ग्रसीत बच्चे द्वारा केक काट कर की गई। सेरिब्रल पैल्सि से ग्रसीत बच्चे में फिजियोथेरेपी की भूमिका विषय पर जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरोग्या के अध्यक्ष सह जिले के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ एस.के. वर्मा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान विशेष सजग रहने की जरुरत है। गर्भावस्था के दौरान शिशु का असामान्य अवस्था में होना एवं पैदा होने के तुरंत बाद बच्चे का देर से रोना, सेरिब्रल पैल्सि का कारण हो सकता है। सेरेब्रल पाल्सी होता क्या है- (एक रोग जिसमें दिमागी अक्षमता के कारण चलने-फिरने और अनैच्छिक क्रियाओं पर नियंत्रण समाप्त हो जाता है)

वहीं आरोग्या के सचिव सह फिजियो चिकित्सक डॉ राजेश कुमार सुमन ने बताया कि भारत में प्रत्येक एक हज़ार में तीन बच्चे सेरिब्रल पैल्सि से ग्रसीत होते है। ये बच्चे शारीरिक व मानसिक रूप से निःसक्त होते है। ऐसे बच्चों को इलाज में फिजियोथेरेपी चिकित्सा की आधुनिकतम तकनीक जैसे एन डी टी, सेंसरी इंट्रीग्रेसन की मदद से आत्म निर्भर बनाया जा सकता है, परंतु इस से ग्रसित बच्चे के अभिवावक को धैर्य पूर्वक विशेषज्ञ फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से केंद्र पर जाकर थेरेपी लेनी चाहिये। उन्होंने बताया कि आरोग्या द्वारा संचालित दिव्यांगण भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है एवं इस केंद्र पर सभी आधुनिक थेरेपी की सुविधाए उपलब्ध है साथ ही गरीब मरीजो के लिए निःशुल्क थेरेपी उपलब्ध है। मौके पर लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉ अविनाश कुमार, सचिव मनीष कुमार, अमित गोलडी, डॉ विजय सराफ, मधुरिमा रानी, मनीष कुमार, रोहित तिवारी, अनुज तिवारी, शानू, राहुल पाल, समेत दर्ज़नो बच्चे व उनके अभिभावक मौजूद थे।