धरना प्रदर्शन कर रहे विश्वविद्यालय के एक कर्मी की हुई मौत

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मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्याल के कर्मी पिछले 17 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे है। बुधवार को धरना बैठे फूलेश्वर मल्लिक की मौत हो गई। यह मौत कुलपति के लापरवाही के वजह से हुई। धरना पर बैठे इन कर्मियों की बात-चीत कुलपति से नहीं हो पाई। विश्वविद्यालय के कुलपति फरार है।

पिछले 24 साल से यह कर्मी अस्थाई रूप से विश्वविद्यालय में कार्य कर रहे है। कर्मी अपनी सेवा स्थाई करने एवं आउटर्सोसिंग के तहत नियुक्ति के लिए निकाली गई विज्ञापन को रद्ध करने की मांग को लेकर कुलपति के खिलाफ विश्वविद्यालय के 80 अस्थाई कर्मी धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।

बता दें कि विश्वविद्यालय के स्थापना काल से ही ये 80 अस्थाई कर्मी काम कर रहे हैं। इन्हीं के सहारे यह विश्वविद्यालय 25 साल से चल रहा है। लेकिन अब तक इनकी नौकरी पक्की नहीं की गई है। वहीं कुलपति एक निजी कंपनी को ठेका देकर आउटर्सोसिंग के तहत विज्ञापन निकाल कर दूसरे लोगों की भर्ती करना चाह रहे हैं। इन अस्थाई कमिर्यो की मांग है कि पहले इनकी नौकरी पक्की करे फिर आउटर्सोसिंग के आधार पर दूसरे लोगों की नियुक्ति की जाय।

धरना स्थल पर मृत फूलेश्वर मल्लिक की शव को तब उठने नहीं दिया जाएगा। जब तक वीसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हो जाता। विश्वविद्यालय कर्मियों ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आवेदन दिया है।
कहा जाता है कि बगैर छुट्टी के ही कुलपति विश्वविद्यालय से गायब है। हत्ता के प्रतिकुलपति को भी प्रभार नहीं दिया है। वहीं प्रतिकुलपति का कहना है कि मुझे जो पावर है उसके मुताबिक कार्य कर रहा हूं।