नए तरीके से, नए कलेवर में खड़ा हो रहा है जेडीयू : बशिष्ठ

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पटना- जेडीयू के 22 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के पांचवे दिन सारण और वैशाली से आए लगभग 975 कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण हुआ, जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य बशिष्ठ नारायण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) एवं राज्यसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह, विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, प्रो. रणवीर नंदन, नीरज कुमार, कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार एवं डॉ. अमरदीप ने अलग-अलग विषयों पर कार्यकर्ताओं से संवाद किया।

इस अवसर पर पार्टी की विचारधारा पर बोलते हुए बशिष्ठ नारायण सिंह कहा कि आज जबकि देश के सामने वैचारिक दिवालियापन का संकट है, सुविचारित तरीके से कार्यक्रमों के माध्यम से नीतियों का प्रचार कहीं हो रहा है तो बिहार में और वो भी जेडीयू के द्वारा। उन्होंने कहा कि गांधी-लोहिया-जयप्रकाश के दर्शन पर चलते हुए उनके काम को आज कोई कर रहा है, तो वे नीतीश कुमार हैं। गांधी के ‘ग्राम स्वराज’, लोहिया के ‘चौखंभा राज’ और जयप्रकाश नारायण के ‘जनता सरकार’ की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इन सपनों और आदर्शों को धरातल पर उतारने का काम, समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को अधिकारों से लैस करने का काम हमारे नेता नीतीश कुमार ने किया है।

जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने 22 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के संदर्भ में कहा कि इससे बड़ा और सफल आयोजन अब तक कोई दूसरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि विचारों की दुनिया में जाने के बाद ही दूसरों को प्रशिक्षित करने का काम होता है। कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा कि हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि समाज में एक व्यक्ति की भी बड़ी भूमिका होती है। हमें अपने कार्यों और कार्यक्रम से सबको जोड़कर चलना है।

जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे नेता, हमारी पार्टी और हमारी राजनीति औरों से अलग है, हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य पार्टियों में आज भ्रष्टाचार शिष्टाचार बन गया है और इस पर लोग अपनी सुविधा से तर्क देते हैं, जबकि हमें इस बात का गौरव है कि लगातार कई दशकों तक राजनीति के शीर्ष पर रहते हुए भी हमारे नेता बेदाग हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का यह दुर्भाग्य है कि इसमें कुछ दल बहुत शान से जातीय समीकरण की बात करते हैं, जबकि हमारी पार्टी और हमारे नेता समावेशी विकास की, न्याय के साथ विकास की बात करते हैं।

राजनीति में परिवारवाद और वंशवाद की चर्चा करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि अन्य पार्टियों में ‘परमानेंट प्रेसिडेंट’ का चलन है। कांग्रेस को ही देखें तो वहां पांचवीं पीढ़ी के छठे सदस्य अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। लेकिन हमारी पार्टी का मंच सबके लिए समान रूप से खुला है। अगर आपमें प्रतिभा है और समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं तो पार्टी आपको अवसर देने से नहीं चूकेगी।

बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय ने सामाजिक सद्भाव पर अपने सारगर्भित व्याख्यान में कहा कि विचारधारा से ही सामाजिक सद्भाव संभव है और हमारे नेता नीतीश कुमार दिन-रात इस पर काम कर रहे हैं। एक श्रेष्ठ नेता में जितने गुण हैं, वो सभी उनमें कूट-कूटकर भरे हैं। ये हम सबका सौभाग्य है कि हमें उनके नेतृत्व में काम करने का मौका मिला है।