नजराना नहीं देना पड़ा महंगा

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कैमूर- बिहार में ट्रक वसूली का मामला नया नहीं है। ओवरलोडिंग का खेल खेलने वाले अधिकारियों को बिना नजराना दिये भला कैसे निकल जाये। अगर कोई निकलने का जुर्रत करे तो फिर उसे अधिकारियों के कोपभाजन का शिकार किसी न किसी रूप में होना ही पड़ता है।

कैमूर जिले में ओवरलोड गाड़ी को पकड़ने निकले जिला परिवहन पदाधिकारी भरत भूषण प्रसाद ने दुर्गावती थाना क्षेत्र के एनएच 2 पर एक ट्रक को पीछा कर उसे जब्त कर लिया। जिसके बाद ट्रक ड्राइवर और खलासी ट्रक छोड़कर फरार हो गए। परिवहन पदाधिकारी ने ट्रक के चालक मालिक और एक सहयोगी के ऊपर दुर्गावती थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसमें सरकारी कार्य में बाधा और ओवरलोड बालू ले जाने का प्राथमिकी दर्ज कराया है।

बताते चले कि वहीं ट्रक चालक का घायल अवस्था में अनुमंडल अस्पताल में एडमिट है जहां उसका इलाज चल रहा था। चालक बताया कि मेरी गाड़ी पर बालू लोड था। मेरा गाड़ी परिवहन पदाधिकारी ने रोकवाकर कागजात मांगा। जब हम कागजात दिए तो उनके बॉडीगार्ड जो हमसे दस हजार रुपया मांगने लगा नहीं देने पर मेरी जोरदार पिटाई की गई। उसने कहा की डीटीओ के बॉडीगार्ड द्वारा उसे बंदूक के बट से पिटाई की। जिससे मैं बुरी तरह घायल हो गया।

वहीं ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह ने बताया कि मेरा गाड़ी बराबर बालू लेकर आता रहता है। लेकिन कल परिवहन पदाधिकारी ने गाड़ी रुकवाया और कागज चेक करने के बहाने उनके गार्डों ने उससे दस हजार रुपया रिश्वत मांगने लगे और नहीं देने पर मेरे ड्राइवर का बुरी तरह से पिटाई कर दिया। जिससे वह घायल हो गया। लोगों ने उसे अनुमंडल अस्पताल मोहनिया पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया।

मेरे ड्राइवर द्वारा कहीं से भी कोई गलती नहीं किया गया था। ड्राइवर को गंभीर चोटें आई है जिसका इलाज वाराणसी के ट्रामा सेंटर में चल रहा है। देर रात पुलिस वालों ने एक लाइन होटल पर खड़े खाली गाडियो के कागजात मांगने लगे फिर ट्रक के पहिये का हवा निकाल दी। लगभग आधा दर्जन से अधिक खाली गाडियों की हवा निकाल दिया गया। जो पूजा करने के बाद निजी होटल पर खड़ी थी।