नागमणि ने छोड़ा रालोसपा का साथ, जमकर बरसे उपेन्द्र कुशवाहा पर

236
0
SHARE

पटना – नागमणि जी जो रालोसपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष से हटाये जाने पर उन्होंने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि एक तो मुझे हटा दिया गया और सूचना तक नहीं दिया गया वो भी बात मुझे मीडिया के माध्य्म से मिला। बाद में उन्हें नोटिस भेजा गया कि उन्हें पार्टी से क्यों नहीं निष्कासित किया जाय। इसके लिए 3 दिन का समय दिया गया है। तो जो आरोप कुशवाहा जी द्वारा मेरे ऊपर लगाया गया अमर शहीद जगदेव प्रसाद का उद्घाटन जो 8 फरवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा किया गया तो उनके नजर में यह एक दल विरोधी कार्य है। जबकि कोई भी सरकारी कार्यक्रम किसी भी पार्टी का नहीं होता। जगदेव बाबू जिनको बिहार के लेनिन के रूप में माना गया है उनके नीति और सिद्धांत को हर पार्टी अपनाती रही है।

उन्होंने कहा कि कुशवाहा जी की इसी बात से तकलीफ हुई है कि वो जगदेव बाबू स्मारक के उद्घाटन समारोह में जहाँ नीतीश कुमार जी गए थे वहां क्यों गए। सरकारी कार्यक्रम था और पी डब्ल्यू डी डिपार्टमेंट की ओर से निमंत्रण दिया गया था तो कैसे कोई नहीं जाता। स्वंय कुशवाहा द्वारा समय-समय पर जगदेव बाबू के नाम को वोट के रूप में इस्तेमाल किया है।

इस स्मारक के उद्घाटन हेतु करीब 3 माह पूर्व समय माँग की पर उन्होंने टाल दिया

लाठीचार्ज में कुशवाहा के घायल होने वाले बात को सिरे से झूठा बताते हुए नागमणि का कहना है कि उस दिन उनपर कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ था। उन्होंने खुद इस घटनाक्रम को प्लान किया। उन्होंने खुद मुझसे ये कहा कि ऐसा करने से उन्हें कुशवाहा समाज की सहानुभूति मिलेगा। इसी कारण मैंने मीडिया में ये बयान दिया था कि कुशवाहा जी को मारने की साजिश रची गई थी। इसके लिए उन्होंने बिहार के जनता से माफी मांगने का काम किया।

कुशवाहा जी का कोई वजूद नहीं था मेरे शामिल होने के बाद ही उनके वजूद को बनाया

उपेन्द्र कुशवाहा एक तरह से डिक्टेटरशीप अपना रहे हैं। उन्होंने रालोसपा में 99.9% की गारंटी देते हुए कहा कि कोई भी कार्यकर्ता ये कह दे कुशवाहा द्वारा मेरा काम किया गया हो तो मैं वैसे व्यक्ति को 25000 रुपये का पुरस्कार दूँगा। वो कागज लेकर बोलते है देखूंगा।

उन्होंने इस बात को मीडिया के समक्ष रखा कि कुशवाहा जी एनडीए छोड़ कर महागठबंधन में क्यों गए। इसपर नागमणि ने कहा कि कुशवाहा को मुख्यमंत्री बनना था और एनडीए में रहकर ये संभव नहीं था।

अपनी उपलब्धियों को लालू यादव से जोड़कर उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में एक लालू यादव और एक हम दो ही ऐसे नेता हैं जो चारों सदन के नेता हैं। लोकसभा, राज्यसभा, एम एल ए, एम एल सी, केंद्र में मंत्री बिहार में भी मंत्री रहा है।

लोकसभा के सीट को लेकर उनका कहना था कि जिस किसी भी पार्टी में जाऊंगा। उस पार्टी के आधार पर ही सीट लूंगा।
नागमणि ने मीडिया के समक्ष अपील करते हुए कहा कि मैं महागठबंधन से अपील करता हूँ कि रालोसपा को एक सीट से अधिक नहीं दे। क्योंकि उपेन्द्र कुशवाहा टिकट बेचने का काम करते हैं। साथ ही उपेन्द्र कुशवाहा को काराकाट से ही सीट मिले इसके लिए भी उन्होंने महागठबंधन से निवेदन किया है ताकि कुशवाहा को उसकी अपनी औकात पता चले।