नाबालिग महादलित लड़की की हत्या मामले में हत्यारे का अबतक नहीं मिला सुराग

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सुपौल – नाबालिग महादलित लड़की की हत्या मामले में हत्यारे का अबतक नहीं मिला सुराग, 72 घंटे बाद भी पुलिस का हाथ खाली। सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई।

सुपौल सदर थाना के डेकहिघाट में शनिवार को मूंग तोड़ने गयी नाबालिग की मिली अर्धनग्न लाश मामले में 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं जबकि इस मामले में हत्या के दूसरे ही दिन मृतका के परिजनों ने करीब चार घंटे सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।

खास बात ये भी है कि घटना को लेकर अब भी सस्पेंस बरकरार है। जिस अवस्था में लड़की की अर्धनग्न लाश मिली थी और उसके चेहरे पर घाव के निशान थे कपड़े और चप्पल दूसरे जगह फेंके हुए थे। इससे लोगों ने यही अंदेशा जाहिर किया कि उक्त नबालिग महादलित लड़की की पहले रेप हुई फिर हत्या। लोगों का शक भी जायज हैं, क्योंकि अगर किसी को लड़की कि हत्या ही करनी रहती तो फिर उसे अर्धनग्न क्यों किया गया।

वहीं दूसरी बात जो सामने आ रही है कि जमीनी विवाद में शायद हत्या हुई हो, ये बात किसी को हजम नहीं हो रहा कि उस नबालिग लड़की कि किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है कि उसकी हत्या करना ही एक मात्र उपाय रहा होगा। चूंकि हत्या के लिए पर्याप्त कारण भी होना जरूरी हैं।

बताया जाता है कि मृतका सात भाई बहन थी, जिसमें छ बहन और एक छोटा भाई जो महज नौ साल का है। आर्थिक रूप से कमजोर महादलित परिवार से आने वाले बद्री सादा के 7 संतानों में से इस नाबालिग लड़की की हत्या करना जमीनी विवाद का उपयुक्त तर्क भी नहीं माना जा सकता है। मृतका के परिवार का किसी से कोई बड़ी दुश्मनी भी नहीं थी। फिर क्या वजह हो सकती है कि अपराधियों ने अर्धनग्न कर नबालिग लड़की को मौत के घाट उतार दिया।

खैर जो भी हो हत्या का कारण और हत्यारा कौन हैं ,ये भेद आज न तो कल अवश्य खुलेगा, लेकिन दिलचस्प बात ये है कि घटना दिनदहाड़े हुई लेकिन अब तक न तो कोई चश्मदीद या आसपास के लोग पुलिस को कुछ बताने को आगे आ रही है। यहाँ तक कि परिजन भी इस घटना की कोई ठोस वजह नहीं बता पा रही है, जिससे ये मामला ओर भी पेचीदा होता जा रहा है।

इधर घटना के बाबत पुलिस कि सक्रियता बढ़ी है और अनुसंधान के क्रम में सदर पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया। जानकारी अनुसार घटना स्थल से करीब 25 मीटर दूरी पर पुलिस को एक चश्मा मिला हैं। जिसे साक्ष्य के तौर पर पुलिस ने अपने पास रख लिया है।

इस बीच सूत्रों की माने तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका से रेप होने की पुष्टि नहीं हो पायी है। वहीं चिकित्सकों ने मृतका के डेथ ऑफ कॉज के लिये सेम्पल को भेसरा प्रिजर्भ कर दिया है।

अब मामले में रेप की पुष्टि नहीं होने से मामला और भी रहस्यमयी हो गया है। पुलिस ये भी मानकर चल रही है कि कहीं मृतका किसी राज को जानती होगी और ये हत्या एक साजिश भी हो सकती हैं, जिसे अपराधियों ने कहीं औऱ घटना को अंजाम देकर पुलिस को गुमराह करने के लिये घटना को प्लांटेशन कर दिया हो, क्योंकि घटना स्थल के आस पास खेत खलिहान होने की वजह से लोगों की आवाजाही लगी रहती थी, बावजूद अभी तक पुलिस को घटना की कोई ठोस सबूत नहीं मिले है।

इन तमाम बिंदुओं को ध्यान में रखकर पुलिस घटना की कड़ी से कड़ी मिलाके अंजाम तक पहुँचने में लगी है, वहीं सदर पुलिस ने बतलाया कि मामला हत्या का है लिहाजा पुलिस अनुसंधान में काफ़ी सतर्कता बरत रही है और घटना के सभी पहलुओं को केंद्र में रखकर बारिकी से तफ्तीश में जुटी है।

वैसे ज्यों ज्यों समय का चक्की बढ़ती जा रही हैं पुलिस की बेचैनी भी बढ़ती जा रही हैं क्योंकि रविवार को मृतका के परिजन सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था जिसमें प्रशासन द्वारा 24 घंटे के अंदर मामले के उद्भेदन का आश्वासन के बाद जाम हटाया गया। लिहाजा मामले में पुलिस पर मामले के उद्भेदन का दबाब बढ़ता जा रहा है।

दूसरी तरफ मामले का उद्भेदन करना भी पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी हैं लिहाजा अब पुलिस अगला कदम क्या उठाती है। ये देखना दिलचस्प होगा। इधर बेटी की हत्या से जहां पीड़ित परिवार मर्माहत हैं वहीं आरोपी की जल्द गिरफ्तारी हो और उसे सजा मिले इसके लिए पुलिस पर दबाव बनाने की भी कोशिश कर रहे हैं ताकि मृतका की आत्मा को शांति मिल सके। अब देखना होगा कि सदर पुलिस हत्या के इस मामले का उद्भेदन कब तक कर पाती है।