नारी-शक्ति के उत्थान में नीतीश कुमार का अतुलनीय योगदान

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पटना – जदयू मुख्यालय में पार्टी के महिला समागम का प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय महासचिव व जदयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह ने की। विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, विधानपार्षद ललन सर्राफ, प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं अनिल कुमार, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार एवं मीडिया प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने उपस्थित नेत्रियों से संवाद किया।

इस मौके पर अपने संबोधन में आरसीपी सिंह ने कहा कि नारी-शक्ति के उत्थान के लिए बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो किया है, स्वतंत्र भारत में उसकी कोई तुलना नहीं। नीतीश कुमार ने बिहार की बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा तक और उसके बाद जीवन में आगे सिर उठाकर जीने और उनके पूर्ण आत्मनिर्भर बनने तक ऐसी कोई सुविधा नहीं, जिसका उन्होंने इंतजाम ना कर दिया हो। उन्होंने आगे कहा कि नर-नारी समानता का जो सपना लोहिया जी ने अपनी सप्तक्रांति में देखा था, अपनी सरकार के सात निश्चय के माध्यम से श्री नीतीश कुमार ने उसे धरातल पर उतारा है।

विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय ने कहा कि वह बिहार की धरती है जहां राम को शिक्षा और बुद्ध को ज्ञान मिला था और यहीं गांधी का सत्याग्रह और जेपी की सम्पूर्ण क्रांति ने आकार लिया था, श्री नीतीश कुमार अपने कार्यों से बिहार को फिर उसी तरह गौरवान्वित करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ केअध्यक्ष व मैनेजमेंट विशेषज्ञ श्री सुनील कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि श्री नीतीश कुमार के हर सिपाही को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी निष्ठा और तैयारी के साथ लगना होगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिन नेत्रियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की उनमें राज्यसभा सांसद श्रीमती कहकशां परवीन, पूर्व मंत्री सह विधायिका लेसी सिंह, विधायिका श्रीमती कविता सिंह, पूर्व विधायिका रेणु देवी, महिला जदयू की पूर्व अध्यक्ष प्रो. हरपाल कौर, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. भारती मेहता, अंजुम आरा, श्वेता विश्वास, महिला जदयू अध्यक्ष कंचन गुप्ता आदि प्रमुख हैं।

ध्यातव्य है कि 24 नवंबर से जदयू महिला समागम का जिला सम्मेलन शुरू होगा। इसके लिए पार्टी नेत्रियों की 12 टीमें बनाई गई हैं। ये नेत्रियां जिन विषयों पर विभिन्न जिलों में संवाद करेंगी वे हैं – सुशासन के कार्यक्रम, शराबबंदी, दहेजप्रथा-बाल विवाह एवं भ्रूण-हत्या उन्मूलन, सात निश्चय, महिलाओं को रोजगार एवं शिक्षा और स्वास्थ्य।