नालंदा विश्वविद्यालय के गवर्निंग बॉडी भंग, गोपा को नहीं मिलेगा सेवा विस्तार

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पटना: नालंदा विश्वविद्यालय की गवर्निंग बॉडी को विदेश मंत्रालय ने भंग कर दिया है। साथ ही विश्वविद्यालय की कुलपति गोपा सबरवाल को सेवा विस्तार देने से भी इनकार कर दिया है। गोपा सबरवाल का कार्यकाल 24 नवंबर को खत्म हो जायेगा। इसके बाद विश्वविद्यालय के सीनियर डीन डॉ पंकज मोहन को कुलपति का प्रभार दिया जायेगा।

विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में 21 नवंबर की देर शाम अधिसूचना जारी कर दी है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने नये कुलपति की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। डॉ पंकज मोहन हिस्टोरिकल स्टडीज के डीन हैं और स्थायी कुलपति की नियुक्ति तक विवि के वीसी के प्रभार पर रहेंगे। हालांकि इस संबंध में पूछे जाने पर प्रो पंकज मोहन ने मंगलवार की शाम कहा कि अभी तक मुझे विदेश मंत्रालय से कोई सूचना नहीं आयी है।

गोपा सबरवाल विवि की पहली कुलपति हैं और इनका पांच साल का कार्यकाल पिछले साल ही पूरा हो गया था। इसके बाद उन्हें एक साल का एक्सटेंशन दिया गया था। इस बार भी एक और एक्सटेंशन देने की अनुशंसा विश्वविद्यालय गवर्निंग बॉडी ने की थी। लेकिन विदेश मंत्रालय ने इस फैसले व गवर्निंग बॉडी को भंग कर दिया।