निश्चय यात्रा के दूसरे दिन, मोतिहारी में मुख्यमंत्री ने सात निश्चय योजनाओं के क्रियान्वयन का किया निरीक्षण तथा चेतना सभा को किया संबोधित

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पटना, 10 नवम्बर 2016:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज निश्चय यात्रा के दूसरे दिन मोतिहारी जिला के जिला स्कूल मैदान में चेतना सभा को संबोधित करते हुये कहा कि मैं सबसे पहले चम्पारण की धरती को प्रणाम करता हूँ। चम्पारण सत्याग्रह का सौंवा साल है। बापू के विचारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुये बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में किये वादों जैसे – सात निष्चय, लोक शिकायत निवारण कानून आदि को लागू किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल 9 जुलाई को श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल में जीविका के आयोजित ग्राम वार्ता कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा शराबबंदी लागू करने की मांग की गयी। हमने कहा कि अगली बार सत्ता में आने पर शराबबंदी लागू करुंगा। मैंने तमाम वादों को पूरा करने का कार्य किया है। सरकार बनते ही सात निश्चय को कार्यान्वित करने हेतु योजनाओं को लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सात निश्चय में से एक निश्चय है हर घर बिजली का कनेक्शन, इसके लिये हर घर का सर्वेक्षण किया गया है। सर्वेक्षण का काम पूरा हो गया है। 15 नवम्बर से हर घर बिजली कनेक्शन योजना को लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का एक साल पूरा होने को है। एक साल पूरा होने से पहले ही सात निश्चय के योजनाओं को कार्यान्वित किया गया है। सरकार के एक साल पूरा होने पर सरकार के कार्यों के लेखा-जोखा का रिपोर्ट कार्ड 20 नवम्बर को जारी किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम काम करने में यकीन करते हैं। हम क्षेत्र में उन कामों को देखने के लिये निकले हैं। योजनाओं के कार्यान्वयन तथा लोगों को जागरूक करने के लिये आया हूं। उन्होंने कहा कि जन चेतना बहुत जरूरी है। शराबबंदी लागू करने से पहले जबरदस्त जन चेतना का अभियान चलाया गया था। एक करोड़ 19 लाख लोगों ने शराब नहीं पीने तथा दूसरों को भी शराब नहीं पीने देने से संबंधित संकल्प पत्र भर कर जमा किया था। यह एक अपने आप में मिसाल है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 9 लाख जगहों पर शराबबंदी से संबंधित नारे लिखे गये थे। 25 हजार से ज्यादा जगहों पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया था। माहौल अच्छा बना था, 1 अप्रैल 2016 से ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्ण शराबबंदी लागू की गयी। माहौल ऐसा बना कि 5 अप्रैल 2016 से पूरे बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गयी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसका विरोध करते हैं। शराबबंदी कानून को तालिबानी कानून बताते हैं। हम पूछते हैं कि तालिबानी कानून को गैर तालिबानी कानून बनाने के लिये अपनी राय दीजिये। शराबबंदी से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। पहले गरीब जो दौ सौ रूपये प्रतिदिन कमाता था, उसमें से डेढ़ सौ रूपये शराब पर गंवा देता था। आज महिलायें कहती हैं कि उनके पति अब शाम में सब्जी खरीदकर घर आते हैं। लोगों के व्यवहार एवं सोच में परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि मैं स्वामी विवेकानंद के कथन में विश्वास करता हूं। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जब भी कोई बड़ा काम होगा तो लेाग उसका मजाक उड़ायेंगे, फिर उसका विरोध करेंगे, फिर साथ चल देंगे। उन्होंने कहा कि सभी जगहों से शराबबंदी के लिये अभियान चलाने वाले लोगों का आमंत्रण आ रहा है। चारो तरफ उत्साह है, लोग कहते हैं कि बिहार में शराबबंदी है तो देश में क्यों नहीं। गुजरात का उदाहरण देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में शुरू से शराबबंदी लागू है परंतु शराबबंदी लागू करने के लिये बनाये गये कानून में ढ़िलाई है। वहां भी लोग मांग करने लगे हैं कि गुजरात में भी बिहार के तर्ज पर कड़ा कानून बनना चाहिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम तो निश्चय यात्रा पर निकले हैं। घूम-घूमकर सात निश्चय योजनाओं के कार्यान्वयन को देख रहे हैं। साथ ही लोक शिकायत निवारण कानून से लोगों को क्या लाभ मिल रहा है, इसे भी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज पूर्वी चम्पारण के पंचायत परसौनी कपूर गया था। यह पंचायत खुले में शौच मुक्त हो गया है। लोगों के विश्वास एवं दृढ़ संकल्प से यह सब हो सका है। हमने आज पूरे परसौनी कपूर पंचायत का भ्रमण किया था। पंचायत में हर घर नल का जल के क्रियान्वयन को देखा। सभी घरों में शौचालय बना है। उन्होंने कहा कि खुले में शौच से बीमारियाॅ होती है। खुले में शौच बंद हो तो कई बीमारियां समाप्त हो जायेगी। उन्होंने कहा कि आज मैंने मोतिहारी में लोक शिकायत निवारण केन्द्र को देखा। वहां हो रही सुनवाई को सुना। बिजली बिल से संबंधित शिकायत पर सुनवाई की जा रही थी। पहले का बिजली बिल 25 हजार रूपये का था, जो अब घटकर 12 हजार हो गया था। सुनवाई के दौरान की गयी जांच से यह संभव हो पाया, यह है लोक शिकायत निवारण कानून की उपलब्धि।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने रास्ते पर चलते हैं, हम काम करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने जी0एम0 सीड का विरोध किया था, इसके लिये केन्द्र सरकार को पत्र लिखा था। जी0एम0 सीड से फायदा सिर्फ बड़ी मल्टीनेश्नल कम्पनियों को ही होती, किसानों को नहीं। लोक शिकायत निवारण कानून के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अब शिकायत दूर करने के लिये कहीं और जाना नहीं पड़ेगा। अपनी शिकायत लोक शिकायत निवारण केन्द्र पर दर्ज करें, वहीं पर आपको बुलाकर आपकी शिकायतों का निराकरण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि लोक शिकायत निवारण केन्द्र के निरीक्षण के क्रम में बताया गया कि लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पास गाड़ी एवं मोबाइल नहीं है, उन्हें यह दोनों सुविधा उपलब्ध कराने के लिये निर्देष दिया गया है।

शराबबंदी के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शाम में गांव एवं कस्बें में जाकर देखिये, पहले से माहौल बदल गया है। शराबबंदी के कारण बिहार में संज्ञेय अपराधों की संख्या में काफी कमी आयी है। हत्या, डकैती जैसे भीषण अपराध, अपहरण, सड़क दुर्घटना में काफी कमी आयी है। उन्होंने कहा कि सरकार के खजाने में पांच हजार करोड़ रूपये का राजस्व आता था तो शराब पीने में लोगों का दस हजार करोड़ रूपये बर्बाद होता था। शराबबंदी के बाद इसमें बदलाव हुआ है। लोगों का जो पैसा बच रहा है, उसे वे अब अच्छे कार्यों में खर्च कर रहे हैं। इसका अध्ययन भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक आंकड़ा सामने आया है कि शराबबंदी के बाद दूध के खपत में ग्यारह प्रतिशत की वृद्धि हुयी है, उसी तरह रसगुल्ला, दही, मट्ठा, पेड़ा, गुलाब जामुन, पनीर की बिक्री बढ़ गयी है। घरों में आज शांति है। उन्होंने कहा कि शराब का अवैध धंधा करने वाले लोग, दूसरे राज्यों से बिहार में शराब लाकर बेचने वाले लोग बचेंगे नहीं, एक दिन पकड़े जायेंगे, उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने लोगों से सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी, जो वाहन के पीछे या सड़क किनारे लिखा रहता है, उसका अनुश्रवण करना है। आप सभी को सजग रहना है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को शराब पीने की लत है तो आप सब उसको समझायें, अगर नहीं समझे तो उसे नशामुक्ति केन्द्र पर पहुंचायें। उन्होंने कहा कि अगर सब सजग रहेंगे तो शराबबंदी बिहार में इतना प्रभावी होगा कि देश में इसे लागू होने से कोई रोक नहीं पायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक वक्त ऐसा था कि बिहार दुनिया के लिये ज्ञान का केन्द्र था। बिहार के युवा मेधावी हैं, यहां के लेाग मेहनती हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम सब दृढ़ संकल्पित होकर शराबबंदी लागू करेंगे तो यह सफल जरूर होगा। जन चेतना के बिना यह संभव नहीं है। जन चेतना और कानून दोनों से शराबबंदी कानून को सश्क्त बनायेंगे। उन्होंने सबको हाथ उठाकर इसके लिये संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी मेधावी है, उनके लिये बहुत संभावनाएं हैं। सात निश्चय के अन्तर्गत युवाओं के लिये योजनायें बनायी गयी है। युवाओं के कौशल विकास के लिये कौषल विकास योजनान्तर्गत कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना की गयी है। कौशल विकास से युवाओं को रोजगार मिलने में सहुलियत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा युवाओं को रोजगार तलाशने में मदद करने के लिये स्वयं सहायता भत्ता सरकार की तरफ से दिया जायेगा। 12वीं कक्षा से आगे पढ़ने वाले इच्छुक युवाओं को मदद के रूप में स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम एवं सद्भाव का माहौल बना रहे, अगर ऐसा माहौल बना रहेगा तो हमें आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता। मुख्यमंत्री ने सभी को आपसी प्रेम एवं सद्भाव के साथ समाज में रहने के लिये हाथ उठाकर संकल्प दिलवाया।

चेतना सभा को संबोधित करते हुये राजस्व एवं भूमि सुधार सह जिला प्रभारी मंत्री डाॅ0 मदन मोहन झा ने कहा कि इतनी जल्दी इस सरकार ने विकास के सात निश्चय योजनाओं पर काम किया है, उतनी जल्दी किसी ने नहीं किया। लोक शिकायत निवारण कानून के क्रियान्वयन को मुख्यमंत्री स्वयं बैठकर देख रहे हैं। इसके अलावा गांव-गांव जाकर सात निश्चय के योजनाओं के कार्यान्वयन को भी देख रहे हैं। लोगों से जो वादा किया, उसे निभा रहे हैं। कृषि मंत्री श्री रामविचार ने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुआ है। आज हर जगह गांव में शांति एवं भाईचारा है। हर जगह अमन-चैन है। पहले जहां बिजली की रोशनी देखने को नहीं मिलती थी, आज सभी जगह बिजली उपलब्ध है। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह एवं पुलिस महानिदेशक श्री पी0के0 ठाकुर ने भी सभा को संबोधित किया।

चेतना सभा में विधान पार्षद श्री सतीष कुमार, विधायक श्री राजेन्द्र राम, विधायक श्री शमीम अहमद, विधायक श्री राजेष कुषवाहा, विधायक श्री फैसल रहमान एवं अन्य नेतागण उपस्थित थे। कार्यक्रम में विकास आयुक्त श्री षिषिर सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीष चन्द्रा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

निश्चय यात्रा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पूर्वी चम्पारण मोतिहारी में सबसे पहले पकड़ीदयाल के पताही प्रखण्ड के परसौनी कपूर पंचायत में हर घर नल का जल और हर घर शैचलाय योजना के क्रियान्वयन का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने घर-घर जाकर नल का जल एवं शौचालय योजना को देखा। मुख्यमंत्री ने श्रीमती राधिका देवी एवं अन्य ग्रामीणों से उनके घर जाकर घर में नल एवं शौचालय निर्माण तथा उसके उपयोग के संबंध में पूछताछ की। मुख्यमंत्री के भ्रमण के अवसर पर आज परसौनी कपूर पंचायत के ग्रामीणों ने पूरे गांव को रंगोली बनाकर मुख्यमंत्री के स्वागत में सजाया था। गांव के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से मुलाकात की। उनसे पूछा क्या उनके घरों में शौचालय बना हुआ है और क्या उनके द्वारा शौचालय का इस्तेमाल किया जाता है।

भ्रमण के क्रम में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने परसौनी कपूर के स्वतंत्रता सेनानी स्व0 जोखू सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती रामपुकारी सिन्हा से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने पंचायत भवन परसौनी कपूर में हर घर नल का जल निश्चय योजना के तहत लगाये गये पम्प सेट एवं पूरे योजना का मानचित्र का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत परसौनी कपूर के मुखिया श्री अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री को पंचायत से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। पंचायत भवन परसौनी कपूर में सचिव ग्रामीण विकास श्री अरविन्द चौधरी ने मुख्यमंत्री को ग्राम पंचायत परसौनी में चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

परसौनी कपूर पंचायत खुले में शौचमुक्त (ओ0डी0एफ0) पंचायत है। मुख्यमंत्री द्वारा परसौनी कपूर पंचायत में सात निश्चय के अन्य सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का निर्देश दिया गया। परसौनी कपूर पंचायत के लोगों ने मुख्यमंत्री से कहा कि परसौनी कपूर पंचायत में कोई भी हाई स्कूल नहीं है। लोगों की मांग पर मुख्यमंत्री ने मध्य विद्यालय परसौनी कपूर को उत्क्रमित कर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बनाने का निर्देश दिया। परसौनी पंचायत के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री मदन मोहन झा, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीश चन्द्रा, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री अरविन्द चैधरी, कार्यपालक पदाधिकारी जीविका श्री बाला मुर्गन डी0 सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने अरेराज में नाली-गली (शहरी) योजना का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने अरेराज में युवा कौशल विकास केन्द्र का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने मोतिहारी में लोक शिकायत निवारण केन्द्र का भी निरीक्षण किया। लोक शिकायत निवारण केन्द्र में शिकायत प्राप्ति काउंटर का मुख्यमंत्री द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने प्राप्त होने वाले शिकायतों का अवलोकन किया। निरीक्षण के क्रम में शिकायत प्राप्ति काउंटर पर शिकायत देने आये शिकायतकर्ताओं से भी मुख्यमंत्री ने बातचीत की। मुख्यमंत्री ने लोक शिकायत निवारण केन्द्र पर लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा प्राप्त शिकायतों पर की जा रही सुनवाई को भी देखा। लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने परिवाद के संदर्भ में विस्तृत रूप से मुख्यमंत्री को बताया। लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने बताया कि परिवाद बिजली बिल से संबंधित था। सुनवाई के पश्चात पूर्व का बिजली बिल 25 हजार रूपये था, वह अब जाचोपरांत घटकर 12 हजार रूपये हो गया है। शिकायतकर्ता इस फैसले से खुश थे। निरीक्षण के क्रम में बताया गया कि लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को गाड़ी एवं मोबाइल की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने लोक शिकायत निवारण पदाधिकारियों को वाहन एवं मोबाइल उपलब्ध कराने का निर्देष दिया। लोक शिकायत निवारण केन्द्र के निरीक्षण के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री मदन मोहन झा, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीश चन्द्रा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।