नीट (मेडिकल) के रिजल्ट आते ही एलिट इंस्टिट्यूट में छाई खुशी

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पटना- इंजीनियरिंग और मेडिकल-प्रवेश परीक्षाओं के उत्कृष्ट परिणाम से चर्चित बिहार के प्रसिद्ध संस्थान एलिट इंस्टिट्यूट के 168 छात्रों ने नीट (मेडिकल) परीक्षा में भाग लिया और 124 छात्र क्वालिफाइड हुए, जिसमें 67 छात्रों का रिजल्ट 500 अंकों से ज्यादा है।

एलिट के छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और जमकर अबीर-गुलाल उड़ाया। संस्थान के निदेशक अमरदीप झा गौतम ने इतनी बड़ी सफलता के लिये एलिट की कार्य कुशलता और छात्रों की कड़ी मेहनत को दिया है। इस शानदार सफलता पर छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि सही दिशा निर्देश, टेस्ट-सीरिज, डीपीपी और कड़ी-मेहंनत के कारण छात्रों ने सफलता हासिल कर इंस्टिट्यूट का नाम रौशन किया है। सफल छात्र-छात्राओं में कृतिका शर्मा, सुयश पराशर, मनन झा, इफ्तिकार हुसैन, अदिति मिश्रा और अंशुल के रिजल्ट प्रशंसनीय हैं।

गौरतलब है कि एलिट इंस्टिट्यूट इंजीनियरिंग व मेडिकल के साथ-साथ ग्यारहवी व बारहवीं के छात्रों को कोचिंग भी देता है। एलिट इंस्टिट्यूट अपने प्रत्येक-कोर्स के लिये प्रत्येक बैच में मात्र 45 बच्चों का क्लास-रुम प्रोग्राम रखता है, जिससे बच्चों के पढाई और उनके विकास पर ध्यान सही तरीके से ध्यान रखा जा सके।

विदित हो कि एलिट संस्थान विगत 17 वर्षों से इंजीनियरिंग, मेडिकल और बारहवीं बोर्ड-परीक्षा की बेहतर तैयारी, उचित मार्गदर्शन, शैक्षणिक माहौल और अपने उत्तरोत्तर परीक्षा-परिणाम के लिये चर्चित रहा है। वर्ष 2017 जे.ई.ई.-मेन में 172, जे.ई.ई.-एडवांस में 36 छात्रों ने सफलता दर्ज करवायी। 2017 में एलिट के 127 छात्रों ने नीट-मेडिकल परीक्षा दिया, जिसमें 63 छात्रों ने नीट-मेडिकल में सफलता दर्ज करवायी।

वर्ष 2016 जे.ई.ई.-मेन में 162, जे.ई.ई.एडवांस में 30 और नीट-मेडिकल में 54 छात्र-छात्राओं ने सफलता दर्ज करवाई है। वर्ष 2016 जेईई-मेन की परीक्षा में 162 बच्चों ने सफलता अर्जित कर एलिट की पारम्परिक सफलता को आगे बढाया। वहीं वर्ष 2015 में इंस्टिट्यूट के जेईई मेन परीक्षा में 156 छात्रों ने और जे.ई.ई.-एड्वांस्ड में 27 छात्रों ने क्वालिफाई किया था। नीट रिजल्ट को देखने से यह बात सामने आई कि इस बार एमबीबीएस के एडमिशन के लिए पिछली बार से भी कम कट-ऑफ गए हैं। अनारक्षित श्रेणी के छात्रों के लिए इस बार कट ऑफ 720 में 119 अंक है जो कि पिछले साल 131 थे। वहीं आरक्षित श्रेणी के छात्रों के लिए इस बार कट ऑफ 107 से गिरकर 96 पर आ पहुंचा है।

नीट के कट ऑफ कम होने का मतलब है कि कम पर्सेंटेज वाले छात्र भी इस बार एमबीबीएस में एडमिशन ले पाएंगे। पिछले साल भी 180 से कम अंक लाने वाले 4300 छात्रों का दाखिला एमबीबीएस में हो गया था। नीट की परीक्षा में 720 में से 180 अंक मिनिमम होते हैं जो एक छात्र को मिलते हैं अगर उसने 40 प्रतिशत सही उत्तर दिए हो तो। पिछले साल 11,114 छात्र जिन्हें 720 में 270 से कम अंक आए थे उन्हें मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिल गया था। हालांकि इनमें ज्यादातर प्राइवेट कॉलेज ही थे। नीट से पहले एमबीबीएस में दाखिला लेने के लिए अलग-अलग ऐंट्रेंस इग्जाम के जरिए कम से कम 50 प्रतिशत मार्क्स लाने होते थे। पर्सेंटाइल सिस्टम के द्वारा 270 से कम अंक लाने वाले छात्र भी अब 80 पर्सेंटाइल के अंदर आ रहें हैं।

इस बार की नीट की परीक्षा में जिसे 119 अंक मिले होंगे उसे अधिक से अधिक 33 प्रतिशत जवाब सही दिए होंगे। नीट के अंतर्गत 180 प्रश्न होते हैं जिनमें फिजिक्स और केमिस्ट्री में 45-45 और बायॉलजी में 90 प्रश्न होते हैं। हालांकि हर विषय के लिए एक तय कट ऑफ न होने के कारण पिछले साल कई छात्रों को एडमिशन मिल गया था। नीट के गिरते कट ऑफ के कारण संभव है कि अगले साल भी हमें यही देखने को मिले या परिणाम इससे भी बुरे हो। NEET 2018 की परीक्षा में देशभर के करीब 14 लाख स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था। परीक्षा का आयोजन 6 मई को किया गया था। परीक्षा 11 भाषाओं जिनमें हिंदी, इंगलिश उर्दू और 8 क्षेत्रीय भाषाएं भी शामिल हैं। जिसके लिए 66 हजार एमबीबीएस व डेंटल सीटों के लिए चयन किया जाना है।