नीतीश की राजनीति पांच साल मेरी राजनीति पचास साल – तेजस्वी

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कटिहार- विधायक सरफराज आलम के इस्तीफा देने की खबर से बिहार में सियासत गर्म हो गयी है। तेजस्वी यादव कहते हैं “नीतीश कुमार के एक और MLA ने जदयू से दिया इस्तीफ़ा। इंतज़ार कीजिए अभी कितनी टूट और होगी. तेजस्वी तो बच्चा है ना जी! आरजेडी की चेतावनी दंगा कराने वालों को ईट का जवाब पत्थर से देंगे। कोई माई का लाल नहीं जो आरक्षण को हटा सके। मेरी संपत्ति गरीब गुरबा हैं। नीतीश चचा घाट-घाट का पानी पिये, खराब चचा हैं तो बोलेंगे।”

तेजस्वी ने बिहार में हुए मानव श्रृंखला पर कहा कि नीतीश को यादाश्त की बीमारी है. बेरोज़गारी का मानव श्रृंखला बनाइए देखिये कितने लोग आते हैं। बिहार को मोदी ने ठेंगा दिखाया। विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला। नीतीश नैतिक भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह हैं भ्रष्टाचार के दुर्योधन हैं। सुना था गंगा में नहाने पर पाप धुल जाता है जो बीजेपी में जाता है उसका पाप धुल जाता है। उन्होंने कहा कि नीतीश की राजनीति 5 साल मेरी राजनीति 50 साल. मुझे शक्ति दीजिए.

तेजस्वी ने गिरीराज सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश और मोदी ने गिरिराज सिंह को बचाने के लिए अदालत के आदेश का पालन नहीं किया सात महीने बाद एफआईआर हुआ। बिहार में दो तरह का टैक्स है एक इनकम टैक्स और दूसरा आरसीपी टैक्स। आरसीपी राज्य सभा के सांसद हैं और नीतीश के करीबी हैं। हर-हर मोदी घर-घर मोदी नहीं बल्कि बर-बर मोदी गरबर मोदी। नीतीश कहते थे भारत जलाओ पार्टी अब क्या हुआ।

तेजस्वी ने नीतीश की शराबबंदी आन्दोलन पर कहा कि शराब सब जगह मिल रहा। माफिया जेल नहीं जा रहे। गरीब को जेल भेजा जा रहा। मुझे अपने पिता पर फक्र है। जेल भेजा गया सताया गया लेकिन कभी समझौता नहीं किया। लालू ने जेल जाते मुझसे कहा कि बेटा गरीब गुरबा की लड़ाई लड़ना। वे सौ साल भी जेल में रहने को तैयार हैं। दुख होता है एक ही नेता के परिवार को फंसाया गया डराया गया। लालू का क्या गुनाह था। गरीब के हितों के लिए अगर मुझे भी जेल भेजोगे तो जाने के लिए तैयार हूं।

चारा घोटाला मामले में लालू यादव के जेल में काट रहे सजा पर तेजस्वी ने कहा कि जनता की अदालत में न्याय होता है। जनता से पूछा क्या लालू बेगुनाह है? क्या तेजस्वी भष्टाचारी हैं? हमारे पिता शेर हैं, इनकी गीदड़भभकी से डरेंगे नहीं। बीजेपी को सरकार बनाने नहीं देंगे. आठ साल की उम्र से छापा पर छापा देखते आए हैं। अगर हम पर जांच हो रही है तो बीजेपी, जय शाह, नीतीश, सुशील मोदी और आरसीपी सिंह की जांच होनी चाहिए।