नीतीश कुमार ने लोंगो के विकास पर ध्यान देते हुए राज्य में कानून का राज स्थापित किया : जदयू

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पटना – बिहार प्रदेश जनता दल (यू0) के प्रवक्ता अरविन्द निषाद ने कहा कि लालू-राबड़ी के 15 वर्षों के राज में नरसंहार से रक्तरंजीत बिहार ने बथानि टोला नरसंहार, लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार, शंकर बिगहा नरसंहार, मियांपुर नरसंहार सहित 118 नरसंहारो का दौर जारी रहने के कारण खून से लाल हो गया था बिहार। पटना उच्च न्यायालय ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा की लालू-राबड़ी राज में बिहार में शासन व्यवस्था नाम की कोई चीज नही हैं राज्य में जंगलराज कायम है।

उन्होंने कहा कि नेताओं, अपराधियों एवं नौकरशाहो की मिलिभगत से लालू-राबड़ी राज में अपहरण एवं फिरौति अद्योग बन गया था। वर्ष 1992 से 2004 तक बिहार में 32085 अपहरण के मामले सामने आए। लालू-राबड़ी के 15 वर्षों के शासन में ट्रांसफर पोस्टींग उद्योग बनकर उभरा था लालू-राबड़ी राज में तबादला संबंधी कोई नीति नही रहने के कारण रातो-रात अधिकारियों एवं पदाधिकारियों को अपनी तबादला संबंधी सूचना समाचार पत्रों के माध्यम से मिलती थी। साधु-सुभाष ने राज्य को आतंकित कर रखा था। नियम कायदे कानून से खुद को उपर समझकर अधिकारियों एवं प्रशासनिक कर्मचारियों से मन मालिक काम करवाने की संस्कृति को बिहार ने देखा है।

उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी राज में घोटालों की बाढ़ से बिहार की पहचान कायम हो गई थी। तथाकथित गुदड़ी के लाल के रूप में प्रचारित करने वाला व्यक्ति हकिकत में प्राप्ति के बाद चारा घोटाला, वर्दी घोटाला, अलकतरा घोटाला, बी0पी0एस0सी0 भर्ती घोटाला सहित दर्जनो घोटाला उजागर हुआ जिसके कारण राजद अध्यक्ष लालू यादव, इलियास हुसैन एवं विद्यासागर निषाद को दोषी पाया गया एवं सजा हुई। नीतीश कुमार ने बिहार में 15 वर्षों में सुशासन स्थापित किया। नीतीश कुमार ने लोंगो के विकास पर ध्यान देते हुए राज्य में कानून का राज स्थापित किया। भ्रष्ट्राचार के विरूद्व बड़ी कार्रवाई करते हुए पद का दुरूपयोग करने वाले 1032 मामलों में 763 कर्मियों को गिरफ्तार किया गया। 487 कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया। 119 कर्मियों को दंड दिया गया।

सुशासन के तहत जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम चलाया गया जिसमें बड़ी संख्या में आवेदकों के मामलो को निपटाया गया। तातिमि मरकज, उत्पे्ररक केन्द्र के माध्यम से लाखों बच्चों को स्कूलो में दाखिला करा कर मुख्य धारा से जोड़ा गया। साईकिल योजना एवं पेाशाक योजना को देश के दूसरे राज्यो ने अपनाया। बेरोजगार लाखों युवकों को शिक्षक के रूप में बहाल किया गया। बिहार में हजारो पुल-पुलियों का निर्माण किया गया। ग्रामीण सड़कों को टोला सम्पर्क कार्यक्रम से जोड़ा गया तथा राज्य के सभी भागों से राजधानी पटना चार घंटो में पहुॅंचने हेतू राज्य पथ का निर्माण किया गया एवं राष्ट्रीय पथों को मरम्मत कर उसे सुगम बना गया।

हर घर बिजली योजना समय से पहले बिहार ने पुरा कर कृतिमान स्थापित किया। महादलित विकास मिशन के माध्यम से टोला सेवक की नियुक्ति की गई। पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया। हासिये पर खड़ा समाज अतिपिछड़ा वर्ग को 20 प्रतिशत का आरक्षण सुनिश्चित कर सामाजिक संतुलन कायम किया गया।

महिलाओं को सभी प्रकार की नौकरियों में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया। पिछड़े-दलितो को निचली अदालत में आरक्षण देकर उन्हें न्याय की कुर्सी पर बैठाकर नीतीश कुमार ने कमजोर वर्ग के साथ न्यान किया है। कृषि रोडमैंप से बिहार मक्का गेहूॅं एवं धान में उतरोŸार वृद्वि कर राष्ट्रीय स्तर पर चैथी बार कृषि कर्मण पुरस्कार हासिल किया।

आगे कहा कि शराबबंदी से सामाजिक क्रांति का सुप्रात हुआ। बिहार ने सफल शराबबंदी कर समाज में नई चेतना एवं आर्थिक वृद्वि का मार्ग प्रश्स्त किया है। शराबबंदी ने दूसरे राज्यों को शराबबंदी हेतू पे्ररणा का कार्य किया है। राजस्थान, छतिसगढ़ एवं महाराष्ट्र की सरकारो ने अपने उच्च पदाधिकारियों को बिहार भेज कर शराबबंदी का आकलन कर चुकी है। जल-जीवन हरियाली कार्यक्रम से बिहार अगामि कुछ वर्षों में पर्यावरण संतुलन, भुजल, सुखाड़ सहित मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बन बिहार उभरेगा।