नीतीश कुमार में हिम्‍मत है तो बीएसएससी पेपर लीक मामले की कराएं सीबीआई जांच : भगवान सिंह कुशवाहा

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पटना, 10 फरवरी 2017: जन अधिकार पार्टी (लो) के प्रदेश अध्‍यक्ष सह पूर्व मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उन्‍होंने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बीएसएससी के सचिव परमेश्‍वर राम के बयान के आलोक में मुख्‍यमंत्री जी ये बताएं कि वे सात मंत्री, नौ उच्‍च पदस्‍थ आईएएस और 29 विधायक कौन हैं, जो आजादी के बाद बिहार में हुए शिक्षा जगत के इस बड़े घोटाले में शामिल हैं। गौरतलब है कि एसआईटी के समक्ष परमेश्‍वर राम ने खुलासा करते हुए कहा कि आयोग ने पिछले 5 सालों में जितनी भी नियुक्तियां की हैं, सभी में भयंकर गड़बड़ियां हुई हैं। अरबों रूपये की उगाही हुई है तथा सैकड़ों बड़े अधिकारियों और राजनेताओं के सगे-सम्बधियों की बहाली की गई है।

श्री कुशवाहा ने पेपर लीक मामले में शामिल मंत्री, विधायक और आईएएस को दंडित करने की मांग करते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार सच में इस मामले में कार्रवाई करना चाहते हैं तो जल्‍द से जल्‍द इन दागी लोगों को बर्खास्‍त करें। उन्‍होंने कहा कि इस मामले के तार नालंदा से भी जुडते नजर आ रहे हैं। इसलिए अगर नीतीश कुमार में जरा भी नैतिकता बची है तो तत्‍काल सरकार मामले की जांच सीबीबाई से कराए।

श्री कुशवाहा ने कहा कि जन अधिकार पार्टी (लो) शुरू से ही शिक्षा जगत में माफिया राज की खिलाफत करती रही है। मगर सरकार में बैठे लोगों इसे अनदेखा करते रहे। इसलिए पहले मेरिट घोटला, छात्रवृति घोटला और अब नियुक्ति घोटला साबित करता है कि बिहार में शिक्षा व्‍यवस्‍था पंगु हो कर रह गया। उन्‍होंने कहा कि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की शिक्षा व्‍यवस्‍था को रसातल में धकेल दिया है। उन्‍हें राज्‍य के छात्रों के भविष्‍य की कोई चिंता नहीं है। इसलिए जन अधिकार पार्टी (लो) सरकार से मांग करती है कि सीबीआई से निष्‍पक्ष जांच करा दोषियों पर कार्रवाई की जाए और राज्‍य की बदहाल शिक्षा व्‍यवस्‍था को दुरूस्‍त किया जाए। वरना पार्टी छात्र हित में एक व्‍यापक आंदोलन करेगी।