नौकरी के नाम पर फर्जी कंपनी बना लाखों की ठगी

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दरभंगा-बिहार के दरभंगा में सरकारी नौकरी के नाम पर दो दर्जन से अधिक लोगों की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। सदर थाना क्षेत्र के धोईघाट में एक निजी मकान में ऑफिस खोलकर एएनएम के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर बाप-बेटे ने ठगी की घटना को अंजाम दिया है।

दरअसल नर्मदा मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव राजेश कुमार यादव ने एक फर्जी ट्रस्ट बनाकर अखबार में विज्ञापन दिया था कि बिहार के स्वास्थ विभाग में एएनएम के पद पर कार्य करने वाले इछुक आवेदक अपना आवेदन कर सकते हैं। अखबार में छपे आवेदन को पढ़ कर दर्जनों लोगों ने नौकरी के लिए नर्मदा मेमोरियल ट्रस्ट में अपना आवेदन जमा किया। ट्रस्ट के सचिव द्वारा आवेदकों से नौकरी के प्रोसेसिंग फी के नाम पर 62 हजार 550 रूपये तय सीमा के दो दिन के अंदर जमा करने को कहा गया । प्रोसेसिंग फी देने के बाद ही नियुक्ति पत्र देने की बात कही गयी थी। रुपया जमा करने बाद नर्मदा मेमोरियल ट्रस्ट के द्वारा कई आवेदक को एएनएम पद पर दो महीने तक फर्जी अस्पताल में काम भी करवाया गया, लेकिन जब नौकरी का दो महीना बीता तो एएनएम के पद पर काम कर रहे लोगों ने वेतन की मांग की तो नर्मदा मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव राजेश कुमार यादव पहले बहाना बनाता रहा लेकिन जब लोगों का दबाव बढ़ने लगा तो राजेश अपना मोबाईल बंद कर फरार हो गया । जिसके बाद ठगी के शिकार लोगों ने इसकी शिकायत दरभंगा पुलिस से की। पुलिस ने त्वरित करवाई करते हुए धोईघाट स्थित ऑफिस पर छपेमारी की जहां नर्मदा मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष रामशकल यादव को गिरफ्तार कर पूछ-ताक्ष की जा रही है। वहीं नर्मदा मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव राजेश कुमार यादव अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।