पटना के मौर्यालोक स्थित निगम मुख्यालय का घेराव कर निगम प्रशासन के विरुद्ध आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन

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पटना – ये जो आक्रोश रैली है ये सिर्फ नगर निगम का सवाल नहीं है बल्कि पूरे बिहार सरकार का सवाल है। भारत सरकार ने फूटपाथ दुकारदारों को पूरे देश में उनका लाइसेन्स उनके दुकान का नियमन हो, उनका रोजगार स्थिर हो, बैंक से कर्ज मिल सके सब व्यवस्था करने के लिए 2014 में एक कानून बनाया और खुद बिहार सरकार ने 2017 में नियम बना कर कैबिनेट से कहा कि सारे फुटपाथ पे जो भेंडर हैं, जो दुकान चलाने वाले उनको हम लाइसेन्स जारी करेंगे लेकिन अब भेंडिंग लाइसेन्स नहीं मिल रहा और सपना दिखाया जा रहा है।

आक्रोशितों ने कहा कि एक तरफ ये लोग सब कुछ दिन प्रतिदिन तोड़ रहे हैं ये तो सब पता लगेगा जैसा कि सरकार से बड़े-बड़े वेबसाइट चलाने वाले को पैसा मिल रहा, बिजली मिल रहा उनपे कोई सवाल नही उठता। इतने सारे भेंडर जो अपना खुद का रोजगार कर रहे उनके पीछे सरकार क्यों पड़ी है। ना ये लोग सरकार के पास रोजगार के लिए जाते फिर आप इनलोगो के परिवार को उजार रहे है। सरकार भेंडिंग जोन बनाने की बात कर रही है। तो ठीक है पहले आप लाइसेन्स जारी करे। भारत के संविधान में सारे व्यक्ति को अपना व्यवसाय चलाने का अधिकार फिर भी रोका जा रहा है। 14 को हमलोगों ने इसकी रणनीति के लिए बैठक बुलाई है 14 को हमलोग तय करेंगे बिहार बन्द करेंगे और हम उजाड़े गए तो सरकार को उजाड़ देंगे