परम्परागत कृषि विकास योजना के तहत जैविक खेती को किया जायेगा प्रोत्साहित – डाॅ॰ प्रेम कुमार

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पटना – बिहार के कृषि विभाग मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार के कहा कि राज्य में वर्ष 2018-19 में परमपरागत कृषि विकास योजना (पी0के0भी0आई0) को 102 नये कलस्टर में संचालित किया जायेगा तथा प्रत्येक कलस्टर 20 हेक्टेयर का होगा। इन कलस्टर के सभी कृषकों को भारत सरकार द्वारा प्रावधानित सहायता अनुदान के अनुरूप विभिन्न घटकों के लिए अनुदान एवं प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस योजना के तहत जैविक विधि से खेती एवं उनका पी0जी0एस0 आधारित जैविक प्रमाणिकरण हेतु सहायता अनुदान का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती एवं उनका प्रमाणीकरण का कार्य चयनित कलस्टर में लगातार तीन वर्षों तक संचालित किया जायेगा। जैविक उपादान को बढ़ावा देने हेतु कृषकों को अधिकत्तम 1 हेक्टेयर तक के लिए सहायता अनुदान दिया जायेगा।

मंत्री ने कहा कि राज्य में केन्द्र प्रायोजित राष्ट्रीय संधारणीय कृषि मिशन के तहत परम्परागत कृषि विकास योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2018-19 में कुल 343.33 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना का कार्यान्वयन वर्ष 2018-19 से किया जायेगा। एक ही कलस्टर में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में योजना का कार्यान्वयन किया जायेगा। वर्तमान वर्ष 2018-19 में इस योजना के प्रथम वर्ष का कार्यान्वयन किया जाना है।

डाॅ॰ कुमार ने कहा कि 20 हेक्टेयर के लिए एक कलस्टर में प्रथम वर्ष में किसानों के लिए 2,40,000 रूपये तथा मोबलाईजेशन एवं पी0जी0एस0 सर्टिफिकेशन, वैलू एडीसन, इत्यादि के लिए 90,000 रूपये देय होगा। द्वितीय वर्ष में किसानों के लिए 2,00,000 रूपये तथा मोबलाईजेशन एवं पी0जी0एस0 सर्टिफिकेशन, वैलू एडीसन, इत्यादि के लिए 1,40,000 रूपये देय होगा। तृतीय वर्ष में किसानों के लिए 1,80,000 रूपये तथा मोबलाईजेशन एवं पी0जी0एस0 सर्टिफिकेशन, वैलू एडीसन, इत्यादी के लिए 1,50,000 रूपये देय होगा।