परिवहन विभाग और जिला अधिकारी के आदेश को दिखा रहा है ठेंगा

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मुकेश कुमार सिंह

बिहार के सहरसा जिले में परिवहन विभाग और जिलाधिकारी के आदेश को सरकारी कामकाज कर रहे कर्मचारी और एजेंसी दिखा रहा है ठेंगा। जी हाँ ये ताजा मामला सहरसा का है जहां रैक प्वाइंट से एफसीआई गोदाम तक पहुंचने वाले खाद्यान्न को ट्रकों की नियत क्षमता से दोगुने-ढाई गुने बोरे लादकर गोदाम तक पहुंचाए जाते हैं।

जबकि जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक ट्रक की क्षमता के अनुसार ही खाद्यान्न को लोड-अनलोड करने का निर्देश दिया गया है। जिसे सख्ती से पालन करने का उल्लेख भी किया गया है। लेकिन रैक प्वाइंट से एफसीआई गोदाम तक खाद्यान्न को पहुंचाने के लिए नियुक्त पटना के कार्य एजेंसी मेडिसिन प्लेस के प्रोपराइटर सतीश कुमार और अंजनी सिंह मानने से इनकार कर रहे हैं। ऐसे में वे 6 चक्का ट्रक के लिए निर्धारित 180 बोरे खाद्यान्न के दोगुने लगभग सारे 350 से अधिक बोरे को लादकर एफसीआई गोदाम भेज रहे हैं।

वहीं वे 10 चक्का और 12 चक्का ट्रक के लिए जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित किए गए 360 बोरे की क्षमता के ढ़ेड़ गुने लगभग 580 बोरे को लादकर गोदाम भेजते है। ऐसे में शुक्रवार की देर शाम तक मेडिसिन प्लेस के ओभर लोडेड 24 ट्रकों को एफसीआई गोदाम में नियुक्त मजदूरों द्वारा अनलोड करने से साफ-साफ मना ही कर दी गई। जिसके कारण शुक्रवार से ही उक्त 24 ट्रक लदे खदान एफसीआई गोदाम में कतार बद्ध होकर खड़ी हुई है।

एफसीआई के मजदूरों ने आरोप लगाया कि एफसीआई गोदाम के मैनेजर सुमन कुमार हांसदा मनमानी करते हैं। मैनेजर द्वारा उन लोगों को काम ना देकर गैर सरकारी मजदूरों से काम कराया जा रहा हैं। जिसके कारण वे उनकी मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं करते बल्कि, उन लोगों को झिरकी दे देते है। उन लोगों के द्वारा शुक्रवार से किए गए कामबंद की सूचना एफसीआई जिलाधिकारी को भी देना उचित नहीं समझे है। इसकी रिपोर्ट एफसीआई के जिला अधिकारी सुमन लकरा तक को भी देनी चाहिए थी।

वहीं मजदूर जहां ओवरलोडेड ट्रकों से खाद्यान्न के लोड-अनलोड को ठप कर दिया। वहीं वे अपनी मांगों की भी एक लंबी फेहरिस्त मैनेजर को सुपुर्द कर दी है। अब वे आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि वे खुद बैठकर वेतन नहीं लेना चाहते हैं। वे सरकार के काम को पूरा करके ही वेतन पाना चाहते हैं। ऐसे में मैनेजर की मनमानी सहित ओवरलोडेड ट्रकों के लगातार आने से कार्य एजेंसी के प्रति नाराजगी जताते हुए अपनी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने की मांग रखी है।

भारतीय खाद सुरेश लकड़ा ने बताया कि हमारे पास मजदूरों ने किसी भी प्रकार की लिखित सूचना नहीं दी है। बिना लिखित डिमांड के वे क्या बात करें। उन्होंने कहा कि ओवरलोडेड ट्रक के संबंध में डीपू मैनेजर से जानकारी प्राप्त कर सभी को नोटिस किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पहली बार ओवरलोडेड ट्रक पाये जाने पर उसे नोटिस जारी किया जायेगा और दुसरी बार ओवरलोडेड ट्रक पाये जाने पर उसे ब्लैकलिस्टिंग किया जायेगा।