पहचान बदल कर गांव में रहने वाले 2 नक्सली गिरफ्तार

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मोतिहारी – सुशासन बाबू की पुलिस के रजिस्टर में लापता घोषित नक्सली सरकारी शिक्षक(प्रधानाध्यपक) बन बच्चो को पढ़ाता था, तो दूसरा पंचायत समिति बना सरकारी  योजनाओं को निपटाता था।

वर्षों बाद आज चढ़ा पुलिस के हाथ

जी हां सुन कर भले आप चौक जाएंगे पर आज इस मामले का खुलासा हुआ है। घटना मोतिहारी की है जहाँ वर्षों पहले मधुबन नक्सली कांड में शामिल दो हार्डकोर नक्सली को पुलिस ने आज गिरफ्तार किया है। दोनों नक्सली मधुबन में हुए बैंक लूट और गार्ड की हत्या के आरोपी है। जो अपना पहचान छुपाकर और भेष बदलकर गाँव में रहते थे। 2005 में हुए मधुबन कांड में शामिल होने के बाद ये सामान्य आदमी की तरह जीवन गुजार रहे थे। एक अशोक पासवान चिरैया प्रखंड के खरतरी पंचायत से पंचायत समिति सदस्य निर्वाचित हुआ है।

चौंकाने वाली बात है कि पुलिस के सारे रिकॉर्ड में अशोक पासवान फरार घोषित होने के बाद भी 2016 में हुए पंचायत चुनाव में नामांकन पत्र दखिल करने के साथ विजयी हुआ और पंचायत समिति का सदस्य बन गया और उसके बाद से लगातार अधिकारियों के साथ हुए बैठकों में शामिल होता रहा है।

तो वहीं दूसरा गिरफ्तार नक्सली भूषण पासवान खरतरी गाँव के मध्य विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्यरत है। फिर भी वह पुलिस की नजरों से कैसे बचता रहा ये पुलिस की कर्यशैली से समझ सकते है। आज दो हार्डकोर नक्सलियों की गिरफ्तारी से पुलिस अपने कार्य को सफल मान रही है, लेकिन सवाल है कि 2005 में नक्सली घटना को अंजाम देने के बाद फरार आरोपी जनप्रतिनिधि और शिक्षक की नौकरी कैसे करता है। जबकि प्रखंड शिक्षा कार्यालय से थाना महज 200 मीटर पर है खरतरी गाँव से 1-2 किलोमीटर पर थाना/ब्लाक/बैंक आदि अवस्थित है भले ही पुलिस भेस बदलने की बात करे परन्तु गाँव के लोग में डर कायम था इसी कारण इनकी भनक कहीं नहीं लगता था।

बता दें कि बीती रात अपर पुलिस अधीक्षक अभियान के नेतृत्व में चिरैया थाना पुलिस ने खरतरी गाँव से दोनों नक्सली हार्डकोर सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफल रही है।