पिछड़ा-अतिपिछड़ा आयोग के सम्वैधानिक दर्जे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे कांग्रेस – मोर्चा

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पटना – राष्ट्रीय सामाजिक न्याय मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र चैहान, प्रधान महासचिव नरेश महतो एंव राष्ट्रीय प्रवक्ता नीलमणि पटेल ने आज एक बयान जारी कर कहा कि देश मे पिछड़ा-अतिपिछड़ा आयोग के सम्वैधानिक दर्जे के सवाल पर कांग्रेस पार्टी को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वर्षो तक केन्द्र की सत्ता में रही कांग्रेस ने आज तक पिछड़ो व अतिपिछडो को उनका अधिकार नहीं दिया केवल उनका इस्तेमाल करती रही। आजादी के बाद से देश मे लम्बे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस ने पिछड़ा अतिपिछड़ा आयोग के सम्वैधानिक दर्जे पर चुप्पी साधे रही, अब जब देश के लोकप्रिय नेता व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछडा वर्ग आयोग को सम्वैधानिक दर्जे देने के लिए संसद पटल पर प्रस्ताव रखा तो काग्रेस राज्यसभा मे बिल के विरोध मे मुखर हो गयी जो कांग्रेस के पिछड़ा-अतिपिछड़ा होने का परिचायक है। साथ ही राजद का कांग्रेस के साथ गठजोर से भी कांग्रेस के साथ-साथ राजद का भी पिछडा अतिपिछडा के प्रति नजरिया साफ हो गया है। बिहार का पिछडा अतिपिछडा समाज अब इन दलो के झासे मे आने वाले नही है।

इन नेताओं ने कहा कि कांग्रेस आरम्भ से ही पिछड़ा व दलित विरोधी रही हैं। कांग्रेस पार्टी सिर्फ पिछड़ा अतिपिछड़ा और दलितो को अपने वोट बैक के रूप मे इस्तेमाल करते रही है। पिछडा वर्ग आयोग के सम्वैधानिक दर्जे के सवाल पर आज देश के जनता के समक्ष हकीकत सामने आ गया कि पिछडा/अति पिछडा व दलित के मामले में भारतीय जनता पार्टी के साथ साथ राष्ट्रीय स्वंयसेवक संध भी हमेशा इन वर्गो के विकास व सम्मान के प्रति मुखर रही है। इसी परिपेक्ष मे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछडो अतिपिछडो के लिए बने केन्द्रीय पिछडा वर्ग आयोग को सम्वैधानिक दर्जा देकर उसे समाज के मुख्य धारा मे लाना चाहते है वहि दुसरी ओर दलितो के सवाल पर एसटी/एससी अधिनियम निवारण कानून को और मजबूत करते हुए विधेयक बनाने का जो केन्द्र सरकार ने निर्णय लिया है निश्चित तौर से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत संकल्प सामने आया है कि देश की वर्तमान भाजपा नीत एनडीए सरकार के कुशल नेतृत्व में गाँव गरीब किसान के पक्ष मजबूत हो रहा है।