पीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल से मरीजों का हाल खास्ता, छह की अबतक हो चुकी है मौत

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पटना/ संवाददाता-

धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टरों की मानवता लग रहा है अब मर चुकी है। आज स्थिति कुछ ऐसी बन गई है कि मरीज मरते रहते हैं और डॉक्टर तमाशाबीन बने रहते हैं। इन दिनों बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच के जूनियर डाक्टरों की स्थिति कुछ ऐसी ही बनी है। बुधवार को पीएमसीएच में जूनियर डॉक्टर अपने मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गये हैं। सुबह से अब तक अस्पताल में 6 मरीज दम तोड़ चुके हैं जबकि कई मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी सेवा भी प्रभावित है। जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि पुलिस ने काउंसिलिंग के दौरान छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठियां भांजी जिसमें कई छात्र घायल हो गए। जिसके कारण घटना के विरोध में 24 घंटे तक सभी मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल है और वो कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। जबकि डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से वहां के मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से वहां के कुछ सीनीयर डॉक्टर मरीजों के देख रेख के लिए आ चुके हैं। फिर भी अभी भी पीएमसीएच में मरीजों के लिए प्रयाप्त मात्रा में डॉक्टरों की कमी कोई बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है। सूत्रों के अनुसार जूनियर डॉक्टर अनिश्चित कालिन हड़ताल पर गये हैं। डॉक्टरों की मांग है कि जबतक उनपर किया गया केस वापस नहीं लिया जाता और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती तबतक सभी डॉक्टर अनिश्चित कालिन हड़ताल पर रहेंगे।