पूर्व सांसद आनंद मोहन कोर्ट में पेशी के दौरान नए अवतार में नजर आए

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मुकेश कुमार सिंह

सहरसा – आजीवन कारावास के सजायाफ्ता पूर्व सांसद आनंद मोहन मंडल कारा सहरसा में कोर्ट पेशी के दौरान नए अवतार में नजर आए। हाथों में अपने द्वारा लिखित तीसरी पुस्तक “गांधी कैक्टस के फूल” लिए कोर्ट पहुँचे और इसमें लिखित रचना को भी सुनाया।

दरअसल इसका विमोचन बापू बलिदान दिवस पर बापू सभागार में 30 जनवरी को होना है, जिसमें देश के जाने माने कवि, लेखक और साहित्यकार जुटेंगे। इससे पहले भी आनंद मोहन की दो पुस्तक कैद में आजाद कलम और स्वाधीन अभिव्यक्ति का विमोचन हो चुका है। ऐसा लगता है जैसे सलाखों में कैद आनंद मोहन अब कवि, कथाकार और साहित्यकार हो चुके है। सीबीएसई के आठवें क्लास के हिंदी की नई पुस्तक है जिसमें एक अध्याय के लेखक हैं पूर्व सांसद आनंद मोहन,पुस्तक का नाम है मधुरिका हिंदी पाठमाला।

आनंद मोहन को अब लेखक के रूप में देश भर के बच्चे जानने लगे हैं। इस पुस्तक का जो आलेख या फिर निबंध है उसका नाम है पर्वत पुरुष दशरथ। फिलवक्त ये लेखक बिहार के गोपालगंज के पूर्व जिलाधिकारी जी कृष्णेया की हत्या के आरोप में सहरसा के मंडल कारा में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं।