पेट्रोल-डीजल की अनियंत्रित कीमतों ने बढ़ाया जनता पर आर्थिक बोझ -सदानंद सिंह

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पटना- बिहार कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि देश भर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को रोक पाने में मोदी सरकार विफल साबित हो रही है। मुम्बई में पेट्रोल की कीमत 80 रु, कोलकाता व चेन्नई में 75 रु, दिल्ली में 72 रु. तथा डीजल क्रमशः 67 रु, 66 रु, 63 रुपये प्रति ली. को भी पार कर गया है। पेट्रोल – डीजल की अनियंत्रित कीमतों ने जनता पर आर्थिक बोझ को और बढ़ा दिया है। क्योंकि पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृध्दि होने से अन्य उत्पादों की कीमतों और मुद्रास्फीति में भी बढ़ोत्तरी हो जाती है। जिससे देश की जनता हैरान और परेशान है।

सिंह ने कहा कि यह मोदी सरकार की आर्थिक कुप्रबंध का ही परिणाम है कि देश में पेट्रोल-डीजल की ऊँची दर तब है जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल की कीमत 20 जनवरी, 2018 को 63.25 डॉलर प्रति बैरल थी। जबकि हमारी मनमोहन सिंह की सरकार के आखिरी दिनों तक क्रूड आयल की कीमत 107.09 डॉलर प्रति बैरल होते हुए भी देशवासियों को पेट्रोल 71 रु. और डीजल 56 रुपये प्रति ली. के आसपास मिलती थी।
पेट्रोल – डीजल की कीमतों को नियंत्रित कर कांग्रेस सरकार अन्य उत्पादों की कीमतों और मुद्रास्फीति को कंट्रोल में रखती थी।

सिंह ने कहा कि सरकारों को मुनाफाखोरी के बदले लोक कल्याणकारी होनी चाहिए। जैसे कांग्रेस की मनमोहन सरकार थी। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करता हूँ कि जनहित में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को अविलम्ब कम कराया जाये। ताकि जनता को बढ़ते आर्थिक बोझ से राहत मिल सके।