पेशी के लिए आये कैदी ने गाला काटा

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मुजफ्फरपुर – कोर्ट हाजत में मानवता एक बार फिर हुई शर्मसार जहाँ एक घायल कैदी को इलाज के लिए ले जाने के दौरान घायल सड़क पर लेटा रहा मगर किसी ने उसकी मदद नहीं की। वहीं दूसरी ओर घायल को कैदियों के ही द्वारा इलाज के लिए ले जाया जा रहा था पुलिस वालों ने नहीं की मदद। मीडियाकर्मियों के आने पर आनन-फानन में कैदी वाहन से पुलिस घायल को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुँचे। इसी दौरान दो कैदी भी फरार हो गये जो घायल कैदी का इलाज करवाने गए थे अब इससे अंदाज़ लगाया जा सकता है कि कोर्ट परिसर सुरक्षा के दृष्टिकोण से लोगों के लिए कितनी सेफ है। वो भी तब जब महज चंद दिन पहले ही सीतामढ़ी कोर्ट हाजत में ही संतोष झा की हत्या हुई थी। जिसके बाद भी इस घटना से मुजफ्फरपुर पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया।

मुजफ्फरपुर कोर्ट हाजात में सुनवाई के दौरान पेशी के लिए आये कैदी ने गाला काटा। गाला काटने के बाद पेशी में आये साथी कैदियों ने ही कैदी को लेकर अस्पताल निकले कोई पुलिस वाला नही पहुँचा। वहीं इतने सुरक्षित कहे जानेवाले कोर्ट हाजत में सड़क पर रख कर काफी देर तक सहायता के लिए रुके रहे मगर किसी व्यक्ति ने मदद नहीं की। काफी देर तक यह ड्रामा चलता रहा। काफी समय के बाद कैदी वाहन के आने के बाद उस कैदी को पुलिस अस्पताल ले गई। जहाँ उनका इलाज चल रहा है। कैदी की माँ ने आरोप लगया कि उसके ऊपर हमला किया गया है पहले भी वह बताया करता था कि जेल में कैदियों के साथ व्यवहार सही नहीं किया जाता है।

वहीं इलाज के लिए लेकर आये ASI लालबाबू राम ने बताया कि पहले भी इस विचारधीन कैदी ने 3 बार गाला काटने का प्रयास किया था जिसे इलाज के लिए skmch में भर्ती कराया गया था। घायल कैदी का नाम जुम्मन मियां है।

वहीं कोर्ट हाजत के जांच में आये टाउन थाना प्रभारी मो सुजाउद्दीन ने बताया कि इस घटना के बाद कोर्ट हाजत में कैदियों द्वारा हंगामा किया जा रहा था। जिसका फायदा उठाते हुए दो कैदी फरार हो गए। मगर कोर्ट में कैदी के आत्महत्या का प्रयास और उसके बाद पुलिस मूक दर्शक बनी बैठी रही। कैदियों के द्वारा ही घायल कैदी को टांग कर अस्पताल के लिए ले जाना और इस दौरान 2 कैदियों का भाग जाना पुलिस के कार्यशैली पर सवालिया निशान लगता है।