फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे दर्जनों शिक्षकों पर निगरानी का चला डंडा

534
0
SHARE

सुपौल – फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे दर्जनों शिक्षकों पर निगरानी का चला डंडा, निगरानी विभाग पटना ने सुपौल के 33 फर्जी शिक्षकों, शिक्षा विभाग के तत्कालीन वरीय अधिकारी अमर भूषण स्थापना सुपौल, पंचायत के मुखिया सहित 84 लोगों पर फर्जीवाड़ा का मुकदमा दर्ज करवाया।

सुपौल जिले में वर्ष 2003 से लेकर 2012 तक अवैध तरीक़े से फर्जी नियोजन कर शिक्षा विभाग में नौकरी करने वाले शिक्षकों पर निगरानी विभाग ने सुपौल सदर थाना में मामला दर्ज करवाया। गौरलतब है कि पटना हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना बिहार के द्वारा सुपौल जिले में नियोजित शिक्षकों के नियोजन की जाँच वर्ष 2016 से की जा रही है। लगभग दो साल से ज्यादा जाँच में समय बीतने के बावजूद निगरानी विभाग से कोई ठोस कार्रवाई न होता देख सुपौल के RTE कार्यकर्ता अनिल कुमार सिंह ने निगरानी जांच टीम के खिलाफ निगरानी के वरीय अधिकारियों से लिखित शिकायत की।

जिस मामले में निगरानी विभाग ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर आवेदक अनिल कुमार सिंह के द्वारा 41 फर्जी शिक्षको पर लगाये गये आरोपो की जाँच किया। जिसमें निगरानी जाँच में 41 नियोजित शिक्षकों में 33 शिक्षक फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे थे।जिस मामले में निगरानी जांच टीम के DSP गोपाल पासवान ने कुल 33 फर्जी शिक्षको, नियोजन इकाई के सदस्यों, मुखिया, समिति, शिक्षा विभाग के तत्कालीन वरीय अधिकारी अमर भूषण सहित 84 लोगों को अभियुक्त बनाते हुये सदर थाना सुपौल में जालसाज़ी का मुकदमा दर्ज करवाया।

वहीं इस मामले के सूचक अनिल कुमार ने माँग की है कि सुपौल जिले के कुल 181 पंचायत में से मात्र 10 पंचायत जिसमे सुपौल प्रखंड के लौकहा, करिहो, गोठ बरुआरी, परसरमा, मल्हनी, बेरो, चैनसिंगपत्ति, अमहा, पिपरा खुर्द पंचायत, एवं राघोपुर प्रखण्ड के फिंगलाश पंचायत में सही जाँच होने पर 33 फर्जी शिक्षक नौकरी कर रहे है। यदि पूरे जिले के 181 पंचायत का जाँच सही तरीके से हो तो सैंकड़ों शिक्षक फर्जी डिग्री पर नौकरी करते हुऐ पाये जायेंगे।

इस मामले पर सुपौल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बतलाया कि मामले में 33 फर्जी शिक्षको को निगरानी ने अवैध मानते हुये, उसके नियोजन इकाई, 18 मुखिया, प्रमुख के साथ तत्कालीन अंचलाधिकारी मुरलीगंज, मधेपुरा एवं सुपौल शिक्षा विभाग के तत्कालीन DPOअमर भूषण, स्थापना सभी उपरोक्त पर 420 ,467,471 एवं 477a धारा के तहत साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जायेगी।