फुलवारी में सांप्रदायिक उन्माद भाजपा-संघ गिरोह का जीता-जागता उदाहरण है – माले

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पटना- राजधानीे पटना के नाक के ठीक नीचे फुलवारी शरीफ में पिछले 2 दिसंबर से सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बरकरार है। 2 दिसंबर को मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर गोनपुरा से करीब 150 की संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग ईशोपुर मजार पर चादर चढ़ाने जा रहे थे। इसी बीच राय चक के पास बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष उदय यादव के पुत्र संजीव यादव के ग्रुप ने चादर चढ़ाने जा रहे लोगों के साथ बदतमीजी की और पेट्रोल छीड़ककर चादर जला दी। उसके बाद उन लोगों ने फायरिंग भी की, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय के दो लोग बुरी तरह घायल हो गये। इतना कुछ होने के बाद पुलिस पहुंची, लेकिन उसने बलवाइयों को गिरफ्तार करने की कोई कोशिश नहीं की।

फुलवारी में आग लगाने के उपरांत बजरंग दल वाले छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर अगल-बगल के गांवों में उन्माद फैलाने लगे। गोनपुरा लहियारचक में मुस्लिम समुदाय के 10 से अधिक घरों को जला दिया। गाय को माता कहने वाले बजरंगियों ने गायों को भी घायल कर दिया। एक मोटरसाइकिल की दुकान में आग लगा दी। मो. लालू, मो. रफीक, मो. मोहइद्दीन, मो. मिनाज आदि के घरों में लूटपाट की गयी। निहुरा में भी मुस्लिम समुदाय के घरों पर हमला किया गया और पूरे इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की गयी।

3 दिसंबर को वाम दलों ने इस सांप्रदायिक उन्माद के खिलाफ शंाति व सद्भाव के लिए शांति मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने उसपर रोक लगा दी. बलवाइयों को गिरफ्तार करने की बजाए प्रशासन ही उल्टे शांति मार्च निकालने में व्यस्त रहा। अभी भी पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बरकरार है और अल्पसंख्यक लोग भय के माहौल में जी रहे हैं।

फुलवारी की घटना बिहार में भाजपा-संघ गिरोह द्वारा सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की लगातार चल रही साजिशों का जीता-जागता उदाहरण है. आरएसएस गिरोह के सामने नीतीश सरकार ने पूर्ण आत्मसमर्पण कर दिया है। यह कन्वेंशन नीतीश कुमार की इस समर्पणवादी राजनीति की कड़ी निंदा करता है। साथ ही, फुलवारी में सांप्रदायिक उन्माद-उत्पात फैलाने वालेे लोगों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग करता है. यह कन्वेंशन तमाम प्रगतिशील, लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष व अमनपसंद आवाम से सांप्रदायिक ताकतों की नफरत की सियासत को करारा जवाब देने तथा शांति व सद्भाव बनाए रखने की भी अपील करता है।