बखरी व्यवहार न्यायालय के भूमि चयन को ले एसडीओ से मिले अधिवक्ता

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मांगे पूरी नहीं होने पर 4 जनवरी से आन्दोलन की दी गई चेतावनी
सुमित राजवंश

बेगूसराय- बखरी अनुमंडल अधिवक्ता संघर्ष समिति ने अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय के भूमि चयन कर भवन निर्माण करवाने के सवाल को लेकर एसडीओ सुधीर कुमार को आवेदन दिया। संघर्ष समिति के संयोजक मनोहर केशरी, सह संयोजक मधुसुदन महतों, गौरीकांत ठाकुर, शिवशंकर ठाकुर, राजकुमार, मदन कामती, उमेश प्रसाद, प्रमोद कुमार, गायत्री देवी, मिडिया प्रभारी गौरव कुमार, नंदकिशोर तांती आदि के हस्ताक्षर युक्त आवेदन में बखरी व्यवहार न्यायालय से जुड़े समस्याओं का उल्लेख किया गया है। आवेदन में अधिवक्ताओं ने कहा है कि बखरी अनुमंडल के 23 वर्ष बीत जाने के बाद भी अनुमंडल पूर्ण स्वरूप प्राप्त नहीं कर सका है। यहाँ लंबे इंतजार के बाद व्यवहार न्यायालय का उद्घाटन अनुमंडल भवन बखरी में मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय पटना के द्वारा किया गया।

लेकिन व्यवहार न्यायालय का अपना भवन नहीं रहने की वजह से न्यायाधीश, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी, मुवक्किल को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जीआर नहीं रहने से परेशानी हो रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि बखरी अनुमंडल के साथ सौतेलापन वाला व्यवहार किया जा रहा है। मालूम हो कि बीते वर्ष निरीक्षी जज राकेश कुमार सिंह का निरीक्षण हेतु बखरी आगमन हुआ था। सिंह ने निरीक्षण के बाद अधिवक्ताओं के मांग पर तत्कालीन एसडीओ विनोद कुमार सिंह, डीएसपी बीरेंद्र कुमार को पन्द्रह दिनों के भीतर अनुमंडल कार्यालय भवन में तत्काल हाजत निर्माण करने तथा अनुमंडल परिसर बखरी स्थित खाली पड़े, चार एकड जमीन में अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय भवन निर्माण के साथ-साथ स्थाई हाजत एवं अधिवक्ता भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही थी। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी निरीक्षी जज के आदेश का पालन नहीं हो पाया है।

बहरहाल एक बार फिर से अधिवक्ता संघर्ष समिति ने अपने पुराने मांग अनुमंडल परिसर बखरी स्थित खाली पडे चार एकड सरकारी जमीन मे अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का भवन, हाजत एवं अधिवक्ता भवन का निर्माण अविलंब करवाने को लेकर एसडीओ से मुलाकात की है। अधिवक्ताओं ने बताया कि अगर हमारी मांग पर स्थानीय प्रशासन विचार नहीं करती है तो बाध्य होकर 4 जनवरी से चरणबद्ध आन्दोलन किया जाएगा।