बदलते समाज में महिलाओं की अहम भूमिका है: मुख्यमंत्री

507
0
SHARE

पटना, 11 मई 2016:– मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज छपरा के राजेन्द्र स्टेडियम में आयोजित जीविका के कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुये कहा कि कार्यक्रम में भाग लेकर मुझे काफी प्रसन्नता हो रही है। आपका उत्साह एवं उमंग को देखकर मुझे पूरा भरोसा है कि बिहार में शराबबंदी का कार्यक्रम पूरी तरह सफल होगा। मैं उनलोगों का अभिनंदन करता हूॅ कि जिन्होंने शराबबंदी के लिये कार्य किया है। शराबबंदी में महिलाओं की अहम भूमिका है। मुझे याद है कि जीविका के दीदीयों का ही कार्यक्रम, जिसका आयोजन श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल पटना में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का नाम ग्राम वार्ता था। कार्यक्रम में संबोधन के बाद जैसे ही मैं अपने स्थान पर जाकर बैठा। कुछ महिलाओं द्वारा शराबबंदी लागू करने की माॅग की गयी। वह 9 जुलाई 2015 का दिन था। मैं वापस आया और कहा कि अगली बार सता में आने पर शराबबंदी लागू करूॅगा। मेरे मन में वर्षों से यह विचार था कि शराबबंदी लागू होना चाहिये, पर मन में यह द्वंद्व चल रहा था कि शराबबंदी पूर्णतः लागू हो पायेगा कि नहीं, पर महिलाओं का दर्द जो सुनने में मिलता था, उसे मेरा मन बनता जा रहा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के लेागों ने फिर से काम करने का मौका दिया। 20 नवम्बर को शपथ ग्रहण के बाद 26 नवम्बर 2015 को आयोजित मद्य निषेध दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में मैंने इस बात की घोषणा कर दी। 1 अप्रैल 2016 से लागू होगा शराबबंदी, इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया। सामाजिक चेतना जगाने की आवश्यकता थी। हमने शराबबंदी के हर पहलू पर गौर किया तथा उसे लागू करने के लिये कड़े कानून बनाये। लोगों को जागरूक करने के लिये अभियान चलाया गया, इसमें आप सभी की भागीदारी रही। इस अभियान में सभी को शामिल किया गया। समन्वय का कार्य शिक्षा विभाग द्वारा किया गया। बच्चों ने अपने अभिभावकों से शपथ पत्र हस्ताक्षर कर जमा करवाया कि न तो वे खुद शराब पीयेंगे तथा दूसरों को भी शराब नहीं पीने के लिये प्रेरित करेंगे। 31 मार्च तक एक करोड़ 19 लाख हस्ताक्षरित शपथ पत्र जमा कराया गया। ऐसा आज तक देश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। इसके अलावा नौ लाख जगहों पर शराबबंदी से संबंधित नारे लिखे गये। नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। एक ऐसा माहौल बना कि घर-घर में यह आवाज पहुॅच गयी। शराबबंदी से महिलाओं, बच्चों और अधिकांश पुरूष में भी खुशी है। 1 अप्रैल तक जो वातावरण बना, उसे देखते हुये 5 अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी गयी। ऐसा माहौल बनाने के लिये मैं बिहार के लेागों का अभिनंदन करता हूॅ। शराबबंदी से सब खुश हैं। आपराधिक घटनायें दुर्घटना आदि में कमी आयी है। लोगों के व्यवहार में परिवर्तन आया है। अब संध्या में भी प्रायः शांति का वातवरण रहता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जब पूर्णिया गया था तो लोगों ने बताया कि आज कल शराबबंदी के बाद लोग घर पर जल्द आ जाते हैं तथा अपनी पत्नी की घर गृहस्थी में भी सहायता करते हैं। बिहार में सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद पड़ गयी है। उन्होंने कहा कि बापू के चम्पारण सत्याग्रह के 100वें साल, बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू कर बापू के प्रति अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किया हूॅ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई नाजायज कार्य करता है तो उसे रोक दीजिये। अगर भट्ठी से नाजायज शराब बनाता है तो भट्ठी तोड़ दीजिये। आपके साथ पूरे सरकार की ताकत है। हमेशा सजग रहिये। आपलोगों से आग्रह है कि पैनी नजर रखियेगा। कोई भी सूचना मिलने पर सूचना उत्पाद एवं पुलिस विभाग द्वारा नियंत्रण कक्ष को दीजिये, प्राप्त सूचना पर तुरंत कार्रवाई होगी, इसकी रोज समीक्षा हेाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में घूम-घूमकर जागृत एवं सचेत कर रहा हूॅ। बिहार के बाहर भी पूरे देश में अब इसकी चर्चा शुरू हो गयी है। उन्होंने कहा कि कल धनबाद में नारी संघर्ष मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। नारी संघर्ष मोर्चा द्वारा झारखण्ड में पूरे तौर पर शराबबंदी लागू करने के लिये अभियान चलाया जा रहा है। झारखण्ड ही नहीं, राजस्थान के लोग भी शराबबंदी अभियान के संदर्भ में दिल्ली में मुलाकात किये थे। राजस्थान के पूर्व नेता स्व0 गुरूशरण छावड़ा जिन्होंने शराबबंदी अभियान चलाया था, कि पुत्रवधू पूजा छावड़ा वर्तमान में शराबबंदी का अभियान राजस्थान में चला रही हैं। मुलाकात क दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने से हमलोगों का हौसला बढ़ा है। राजस्थान के शराबबंदी कार्यक्रम में आने केे लिये कहा। शराबबंदी के समर्थन में जहाॅ कहीं भी जाना होगा, जाऊॅगा। महाराष्ट्र के चन्द्रपुर में महिलाओं के प्रयास से 1 अप्रैल 2015 से शराबबंदी लागू कर दिया गया है। वहाॅ की महिलायें पटना मुझे धन्यवाद देने क लिये आयीं तथा पूरे महाराष्ट्र में शराबबंदी का आन्दोलन चलायेंगे। इसके अलावा उड़ीसा तथा उतर प्रदेश में भी शराबबंदी के लिये आवाज उठना शुरू हो गयी है। 15 मई को उतर प्रदेश जा रहा हूॅ। सब जगहों पर शराबबंदी की माॅग उठना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू करने के लिये कड़ा कानून बनाया गया है। अगर केाई जहरीला, नकली, अवैध शराब बनाकर बेचता है और उसके सेवन से किसी की मृत्यु हो जाती है तो बनाने वाले तथा बेचने वाले दोनों पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है। बिहार शराबबंदी को सफलतापूर्वक लागू कर देश के लिये उदाहरण बन जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी से सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है, पर यह कोई नैतिक व्यापार नहीं था। अब शराबबंदी से लोगों का बारह से तेरह हजार करोड़ रूपये जो बचेगा, उसे अच्छे कार्य में खर्च करेंगे, इससे बाजार का विस्तार होगा और अन्य स्रोत से सरकार का राजस्व बढ़ेगा। जिस चीज से पूरा परिवार बर्बाद हो जाता था, वैसी आमदनी नहीं चाहिये। उन्होंने कहा कि समाज बदल रहा है। इसमें महिलाओं की बहुत बड़ी भूमिका है। आप सबने जो कार्य किया है, उसके लिये आपका नाम सोने के अक्षरों में लिखा जायेगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू करने के लिये सब लोग पूरी मजबूती से लगे हुये हैं। शराबबंदी का पूरे देश में फैलाव होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूह के गठन से महिलाओं के जीवन में परिवर्तन हो रहा है और आप सब इस विकास के ध्वजवाहक हैं।

उक्त कार्यक्रम में जीविका की तरफ से जीविका के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न भेंट किया।

उक्त कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री श्री अशोक चैधरी, परिवहन मंत्री श्री चन्द्रिका राय, कला, संस्कृति मंत्री श्री शिवचन्द्र राम, खान एवं भूतत्व मंत्री श्री मुनेश्वर चैधरी, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री पी0के0 ठाकुर ने भी अपने सारगर्भित विचार रखे।

इस अवसर पर विकास आयुक्त श्री शिशिर सिन्हा, प्रधान सचिव गृह श्री आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव शिक्षा श्री डी0एस0 गंगवार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीश चन्द्रा, आयुक्त सारण प्रमण्डल श्री प्रभात शंकर, पुलिस महानिरीक्षक तिरहुत श्री पारसनाथ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, सचिव ग्रामीण विकास श्री अरविन्द चैधरी, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री बालामुरूगन डी0, सारण, सीवान, गोपालगंज के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।