बाढ़ का प्रकोप रोकने में सरकार पूरी तरह से नाकाम : मांझी

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पटना: हम पार्टी के संयोजक जीतम राम मांझी ने सोमवार को नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि कि बिहार में बाढ़ का प्रकोप रोकने में राज्य सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को बाढ़ आने के बाद फरक्का बांध तोड़ने की याद क्यों आयी? इस मसले पर पहले केंद्र से क्यों नहीं बात की गई ? केंद्र सरकार को नदियों में बांध के विकल्प पर ध्यान देना चाहिए। वाणसागर समझौते पर भी पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

वहीं जहरीले शराब पर कहा कि गोपालगंज में कांड नहीं होता , अगर वहां के डीएम व एसपी पहले मिली सूचना पर कार्रवाई करते। कार्रवाई तो दूर उन्होंने मृतकों की संख्या भी कम दिखाई। ।

मांझी ने कहा कि गोपालगंज में जहरीले शराब पीने से 50 से अधिक लोगों की मौत हुई। लेकिन स्थानीय प्रशासन दूारा राज्य सरकार के इशारे पर मृतकों की संख्या काफी कम बताई गई।

उन्होंने जहरीली शराब कांड के मामले में केंद्र सरकार और न्यायालय के हस्तक्षेप को जरुरी बताया। कहा कि सच्चाई का पता लगाने के लिए पूरे मामले की सीबीआई जांच करायी जानी चाहिए।

मांझी ने कहा कि पोस्टमार्टम कराये गये। उनके आंकड़े ही दिए गए। मृतकों के परिजनों ने प्रशासन से पोस्टमार्टम कराने की मांग की। उनके जेल भेजने और जुर्माना लगाने का डर दिखा कर भगा दिया गया।

मांझी ने आगे कहा कि गोपालगंज में 13 अगस्त को डीएम की अध्यक्षता में शांति समिति ती बैठक मे सामाजिक कार्यकर्ता रामनाथ साहू ने खजूरबानी में छापेमारी का सुझाव दिया था। जिसकी प्रशासन ने अनसुनी कर दी। अगर सूचना पर कार्रवाई की जाती तो यह हादसा नहीं होता। शराब कांड में छोटे अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया गया और डीएम एसपी समेत बड़े अधिकारियों को छोड़ दिया गया।