बाबा महतो साहब के प्रति हमारी सच्ची निष्ठा तभी होगी जब हम प्रेम के साथ आपस में मिल-जुलकर रहेंगे -मुख्यमंत्री

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पटना – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने श्री श्री 108 श्री शरण निवास बाबा महतो साहब द्विवार्षिक मेला महोत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। नालंदा जिला के सरमेरा प्रखंड के सदरगादी प्रणावा में आयोजित मेला महोत्सव में सम्मिलित मुख्यमंत्री ने सबसे पहले श्री श्री 108 श्री शरण निवास बाबा महतो साहब के मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की। द्विवार्षिक मेला महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर बने मंच पर आयोजकों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नेताओं ने अंगवस्त्र, फूल-माला एवं बाबा महतो साहब की तस्वीर भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। स्कूली छात्राओं ने स्वागत गान गाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।

मेला महोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले आयोजन मंडल को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बाबा महतो साहब के इस द्विवार्षिक मेला महोत्सव में आपने मुझे आमंत्रित किया, इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूॅ। बाबा महतो की स्मृति को मुख्यमंत्री ने नमन किया। उन्होंने कहा कि मैं पहले कई बार कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए प्रणावा आया हूॅ और इस द्विवार्षिक मेला महोत्सव में शामिल होकर मुझे बड़ी प्रसन्नता हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों में बाबा महतो साहब के प्रति जो श्रद्धा का भाव है, यह कोई मामूली बात नहीं है, जिनके कहने पर दीवार भी चल पड़ता था। उनकी बड़ी खासियत रही है कि वे कोई सामान्य व्यक्ति नहीं थे। बाबा महतो साहब जी का जो मंदिर है, जहां वे बैठते थे, वहां भी जाने का आज मुझे मौका मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से मेला आयोजन के लिये सभी प्रकार की मदद दी जायेगी। उन्होंने कहा कि बाबा महतो साहब के प्रति लोगों के मन में श्रद्धा का जो भाव है, मैं उसका आदर करता हूॅ। नालंदा जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर इस मेला महोत्सव की पूरी रिपोर्ट भेजिए कि इस महोत्सव में क्या-क्या करना है ताकि अगले वर्ष से इस महोत्सव में सरकार की तरफ से मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि बिहारशरीफ के मखदुम साहब से बाबा महतो साहब का गहरा लगाव था। उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव, हिंदू-मुस्लिम एकता, एक-दूसरे के प्रति आदर का भाव और शांति का माहौल कायम रखने का संदेश बाबा महतो ने दिया।

महोत्सव में मौजूद लोगों से आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में विकास का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में इस विकास का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब समाज में शांति का माहौल कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अशांति फैलाने की कोशिश में जुटे हैं। न्याय के साथ विकास हमारा लक्ष्य है, जिसके माध्यम से हर तबके और सूबे के हर इलाके का विकास करना है। कोई भी योजना हर तबके और हर इलाके को ध्यान में रखकर बनाई जाती है ताकि हमारी योजना का फायदा हर व्यक्ति और हर इलाके को मिल सके और हाशिए पर खड़े लोगों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

उन्होंने कहा कि कृषि के विकास के लिए कृषि रोड मैप बनाया गया है, साथ ही सात निश्चय योजना के माध्यम से हर घर बिजली, हर घर नल का जल, हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण एवं हर घर शौचालय का निर्माण किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी कई कदम उठाए गए हैं। पंचायत और नगर निकाय के चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। प्राथमिक शिक्षकों की बहाली में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया और अब राज्य सरकार की सभी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को हुनरमंद एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी काम किये जा रहे हैं। इस दिशा में स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से उच्च शिक्षा हासिल करने की इच्छा रखने वाले युवाओं को चार लाख रूपये के ऋण की व्यवस्था की गई है और इसके लिए शिक्षा वित्त निगम भी इस वर्ष से बना दिया गया है क्योंकि बैंकों द्वारा इस काम मे पूरा सहयोग नहीं किया जा रहा था। रोजगार की तलाश में जुटे युवाओं को 2 साल तक प्रतिमाह 1000 रुपये स्वयं सहायता भत्ता दिया जा रहा है। कुशल युवा कार्यक्रम के माध्यम से व्यवहार कौशल, संवाद कौशल के साथ-साथ कंप्यूटर का प्रशिक्षण भी युवाओं को दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उद्यमिता में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए वेंचर कैपिटल फंड बनाया गया है। हर सरकारी कॉलेज और विश्वविद्यालय में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि बिहार के बच्चों को पढ़ने के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इसके लिए हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, महिला आई0टी0आई0, जी0एन0एम0 संस्थान एवं ए0एन0एम0 स्कूल की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक बिहार के हर घर तक बिजली पहुंचा दी जाएगी और अगले 4 साल के अंदर हर घर नल का जल, हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें एक साल का समय बीत चुका है। यह काम हर वार्ड में विकेंद्रीकृत तरीके से पंचायत और नगर निकाय के माध्यम से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 जुलाई 2015 को पटना में एक सभा में महिलाओं द्वारा बिहार में शराबबंदी लागू करने की मांग की गयी थी, पुनः सरकार बनने के बाद 5 अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई, जिसका नतीजा यह हुआ कि न सिर्फ पूरे बिहार में शांति का माहौल कायम हुआ बल्कि जो लोग अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा शराब पीने में बर्बाद कर देते थे, अब उन पैसों का इस्तेमाल परिवार की बेहतरी के लिए हो रहा है। उन्होंने कहा कि अभी भी कुछ सिरफिरे शराब का सेवन या शराब की धंधेबाजी कर रहे हैं लेकिन अब उनकी खैर नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए आई0जी0 प्रोहिबिशन बना दिया गया है और बिजली के हर खंभे पर एक मोबाइल नंबर लिखा जा रहा है, जिसके माध्यम से लोग शराब पीने वाले या इसका अवैध धंधा करने में जुटे लोगों की सूचना सरकार तक पहुंचा सकते हैं। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा और डेढ़ से 2 घंटे के अंदर ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी की जाएगी। सूचना देने वाले से यह भी पूछा जाएगा कि कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं या नहीं।

उन्होंने कहा कि बाबा महतो साहब के मेला महोत्सव में आप सभी सम्मिलित हुए हैं, ऐसे में हमारा भी कुछ फर्ज बनता है। उन्होंने कहा कि शराब पीने या इसकी धंधेबाजी करने में जो लोग जुटे हैं आप उन्हें इस बात को समझाइए कि शराब स्वास्थ्य और परिवार दोनों के लिए खतरनाक है। लोगों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ कानून से हमें किसी काम में सफलता नहीं मिलती है बल्कि जब तक लोगों में जनचेतना नहीं आएगी, सफलता नहीं मिलेगी, इसके लिए लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 21 जनवरी 2017 को शराबबंदी और नशामुक्ति को लेकर बनी मानव श्रृंखला में चार करोड़ लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर अपनी भावना का प्रकटीकरण किया था और इस वर्ष 21 जनवरी 2018 को बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ 14000 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा का उन्मूलन बिहार से करने में हम कामयाब होंगे, तब सही रूप में बाबा महतो साहब का यह आयोजन करने का कोई मतलब होगा।

बिहार में लागू हुई मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मकसद बाल विवाह को रोकना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2 वर्ष की उम्र पूरी करने वाली बालिकाओं को राज्य सरकार की तरफ से 5,000 रुपये मुहैया कराया जायेगा, जिसमें लड़की पैदा होने के वक्त उसके माता-पिता के खाते में 2000 रुपये, एक साल बाद आधार से लिंक होने पर 1,000 रुपये और 2 वर्ष की अवधि तक पूर्ण टीकाकरण होने पर पुनः 2000 रुपये उपलब्ध कराये जायेंगे। इसके अतिरिक्त पहले से चल रही पोशाक योजना की राशि में भी बढ़ोत्तरी की गयी है, जिसमें कक्षा एक एवं दो में पढ़ने वाली लड़कियों को 400 रूपये की जगह 600 रुपये, कक्षा 3 से 5 में पढ़ने वाली बालिकाओं को 500 के बजाय 700 रुपये, कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए 700 की जगह 1,000 रुपये और कक्षा 9 से 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को अब 1,000 की जगह 1,500 रूपये की राशि पोशाक के लिए प्रदान की जाएगी। किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 7वीं से 12वीं में पढ़ने वाली लड़कियों को सैनेटरी नैपकिन के लिए पहले जहाँ 150 रुपये सालाना लड़कियों को दिये जाते थे, अब उसकी जगह उन्हें 300 रुपये प्रदान किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि बाल विवाह पर लगाम लगाने के लिए इंटरमीडिएट पास करने वाली अविवाहित लड़कियों को 10,000 रूपये की राशि मुहैया कराने का राज्य सरकार ने फैसला लिया है, वहीं ग्रेजुएशन करने वाली लड़कियों को 25,000 रुपये मुहैया कराने का राज्य सरकार ने फैसला लिया है, वह चाहे कुंवारी हो या विवाहित।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना से लिंग अनुपात सुधरेगा, भ्रूण हत्या में कमी आएगी, बाल विवाह रुकेगा, साथ ही लड़कियां शिक्षित होंगी। समेकित बाल विकास योजना के अंतर्गत 3 से 6 वर्ष की उम्र वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों में पढ़ रहे बच्चों को पोशाक हेतु मिलने वाली पोशाक राशि में भी बढ़ोत्तरी की गयी है। आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों को अब पोशाक के लिए 250 रूपये की जगह 400 रुपये प्रदान किये जायेंगे। इस प्रकार एक लड़की के पैदा होने से ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी करने तक सरकार उसपर 54,100 रुपये खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि पुरुषों को बेटे की तरह बेटी पर भी ध्यान देना चाहिए और बीमार पड़ने पर उसका इलाज भी कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब लड़की होने पर दुखी होने की आवश्यकता नहीं है, दो लड़की होने तक इस योजना का लाभ दिया जाएगा इसलिए लड़की की रक्षा कीजिए क्योंकि देश और समाज तभी आगे बढ़ेगा जब पुरुषों के साथ महिलाएं भी आगे बढेगी।

सतत् जीविकोपार्जन योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद जिन परिवारों के समक्ष जीविकोपार्जन को लेकर समस्या खड़ी हो गई है, उन्हें इस योजना के माध्यम से वैकल्पिक रोजगार मुहैया कराया जाएगा, इसके लिए 30 से 40 परिवारों पर एक व्यक्ति को मनोनीत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ परिवार ऐसे हैं, जिन्हें सरकारी योजनाएं तो दूर उन्हें राशन कार्ड तक के बारे में भी पता नहीं है, ऐसे लोगों का सर्वेक्षण कराकर उन्हें सतत् जीविकोपार्जन योजना से जोड़ा जाएगा और उनके बच्चों को कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से हुनरमंद बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि दलित हो या महादलित, अतिपिछड़ा, अल्पसंख्यक हो या महिला हर किसी के लिए बिहार में काम किया गया है और आगे भी जारी रहेगा। जब हम यात्रा पर निकलते हैं, तब जमीन पर हमें जो एहसास होता है, उसी के आधार पर योजनाएं भी तय की जाती हैं। उन्होंने कहा कि एक दशक से राष्ट्रीय औसत से बिहार का विकास दर आगे है, फिर भी हम पिछड़े हुए हैं। हमें आगे बढ़ने के लिए विशेष राज्य का दर्जा और विशेष सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विशेष राज्य के दर्जे को लेकर एक करोड़ बिहारवासियों का हस्ताक्षर कराकर दिल्ली भेजा गया, साथ ही रामलीला मैदान में कार्यक्रम भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां कमियां हैं, उन कमियों को दूर करने के लिए आगे बढ़कर केंद्र सरकार को सहायता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सात निश्चय योजना और कन्या उत्थान योजना के माध्यम से लोगों तक लाभ राज्य सरकार अपने बूते पहुंचा रही है।

मेला महोत्सव में सम्मिलित हुए लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महतो साहब के प्रति हमारी सच्ची निष्ठा तभी होगी, जब हम प्रेम, शांति, सद्भाव और सौहार्द्र के साथ आपस में मिल-जुलकर रहेंगे, इसके लिए हमें बाबा महतो साहब से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्हें सभी धर्म-संप्रदायों और हर तबके के लोगों से लगाव था। उन्होंने कहा कि हमें आपस में मिल-जुलकर समाज, राज्य, देश और पूरी मानव जाति की सेवा करने के साथ ही पर्यावरण का भी खयाल रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष से इस मेला महोत्सव के लिए जो कुछ भी आवश्यकतायें होंगी, राज्य सरकार का उसमें पूरा सहयोग होगा। मेला महोत्सव के अंत में श्री शरण निवास बाबा महतो साहब की जीवनी पर आधारित पुस्तिका का विमोचन मुख्यमंत्री सहित मंच पर मौजूद अतिथियों ने किया।

समारोह को ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार, ग्रामीण कार्य सह नालंदा जिले के प्रभारी मंत्री शैलेश कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू, विधायक डॉ0 जितेंद्र कुमार, विधायक रवि ज्योति एवं विधायक चन्द्रसेन ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, पूर्व विधायक ई0 सुनील कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष तनुजा कुमारी, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, पटना डी0आई0जी0 राजेश कुमार, नालंदा के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, मेला महोत्सव में आये श्रद्धालुओं के साथ काफी तादाद में स्थानीय लोग उपस्थित थे।