बारिश न होने से किसान हलकान

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दिलीप कुमार

कैमूर – मॉनसून का महीना जुलाई को कहा जाता है इस माह में भी बारिश नहीं होने से हालात दिन-प्रतिदिन किसान और आम आदमी का खराब होते जा रहा है। किसानों ने अपने खेतों में बिचड़ा तो डाल दिया, लेकिन रोपनी करने के लिए उनके पास पानी ही नहीं है। कैसे रोपनी कराएंगे। भूजल की बात करें तो भूजल का जलस्तर भी लगातार बारिश नहीं होने से घटता चला जा रहा है। जहां पहले 50 फीट पर ही लोगों को पानी मिल जाया करता था वहां 70 फीट पर भी पानी मिलना बंद हो गया है। चाहे चापाकल हो या मोटर मशीन लेयर भाग जाने के कारण बंद हो चुका है।

कैमूर जिले में दुर्गावती जलाशय परियोजना बनाई गई थी जिससे कि किसानों को खेती के लिए समय-समय पर पानी मिल सके। उस समय किसानों के चेहरे पर खुशी के भाव थे, लेकिन दुर्गावती जलाशय परियोजना शुरू होने के बाद जिले के किसानों को खेती के लिए एक बूंद भी पानी नहीं मिल पा रहा है। जलाशय बनने के बाद भी लोग बारिश के पानी का इंतजार कर रहे हैं। जिससे किसान खेती से वंचित होने की स्थिति में आ गए हैं ।

ग्रामीणों का कहना है कि इस बार अच्छी बारिश की उम्मीद में हम लोगों ने दूसरे का खेत मलगुजारी पर दस हजार रुपया प्रति बीघा के हिसाब से लिया था, लेकिन ना तो खेती करने के लिए वर्षा का पानी ही मिल पा रहा है और ना ही नहरों का पानी आ रहा है। अगर यही हालात रहा तो सारा परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएगा। हम लोगों ने साहूकारों से सूद पर पैसा लेकर एक साल के लिए खेती करने का जमीन लिया था। लेकिन जिस तरह से ऊपर वाले की नाराजगी दिख रही है वर्षा नहीं हो रहा है उस तरह अगर मौसम रह गया तो सारा परिवार कर्ज के बोझ तले डूब जाएगा।

वहीं जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि इस बार बारिश अभी कम हुआ है। रोपनी का सीजन शुरू हुआ है। अभी तक पूरे जिले में मात्र 2% ही रोपनी हो पाई है। सभी किसानों के बीचड़े तैयार हैं। अगर समय पर बारिश आ जाएगा तो रोपनी शुरू हो जाएगा।