बाढ़ पीड़ितों को राहत के बदले मिली चेतावनी

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पटना: बिहार के राघोपुर में बाढ़ पीड़ितों ने ज्यो ही आपदा प्रबंधन मंत्री चंद्रशेखर प्रसाद से अपना दुखड़ा सुनाना चाहा वैसे ही कुछ राजद नेताओ ने धमकी भरे शब्दों में बाढ़ पीड़ितों को चेतावनी दे दी की ज्यादा पॉलिटिक्स मत करो बाद में कोई काम नहीं देगा।

दरअसल उत्तर बिहार की लाईफ लाईन कहे जाने वाले गांधी सेतु से सटे एनएच केकिनारे बाढ़ से विस्थापित हुए हजारो लोग अपना बसेरा बनाये हुए है। जो नेताओं के लिए तीर्थ स्थल बनता जा रहा है। सत्ता से लेकर विपक्ष के नेता इनसे मिलने आते है लेकिन इनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

बाढ़ राहत शिविर के ऊपर दर्जनों तिरंगा झंडा लहरा रहा है लेकिन इस तिरंगे झंडे के नीचे रहने वाले लोगों का जो दर्द है वह उसे देख कर हर कोई खामोश हो जायेगा। पानी और सरपट दौड़ती गाड़ियों के बीच इनका शिविर है। भूल से भी इनके बच्चे अगर सड़क की तरफ जाए तो मौत। और शिविर के पीछे जाए तो पानी में डूबकर मरने का खतरा।

इन्ही भोगौलिक स्थिति के बीच ये शिविर है। शिविर के भीतर छोटे- छोटे दूध मुहे बच्चे सुबह की भूख मिटाने के लिए पानी में बहते गागर निम्बू को चुनकर खाते है। तो बड़े बहते पानी से जंगली सूअर का शिकार कर अपने पेट की आग बुझाने में जुटे है।

पशुओं की बात करे तो इनके चारे के लिए किसान बेचारे बने हुए है। तभी तो दो दिन के अंदर किसानों ने अपनी पच्चीस से ज्यादा पशुओं को औने- पौने दामों पर बेच रहे है। सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ित को दो वक्त ही भोजन दिया जा रहा है वह भी ऐसे समय जब इनके बच्चे सो जाते है।

उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का क्षेत्र होने के कारण इन बाढ़ पीडि़तों पर सरकार का ज्यादा ध्यान होने का आरोप दूसरे बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रो के लोग लगाते रहते है। लेकिन जो हमने देखा वह खानापूर्ति मात्र लगता है।

बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री चंद्रशेखर उपमुख्यमंत्री के वोटरों को किसी तरह की दिक्कत ना हो इसको लेकर बुधवार को खुद बाढ़ पीडि़तों से मिलने राहत शिविर में पहुच गए। और बाढ़ पीड़ितों से मिले और उनकी समस्या सुनी और कहा की सबकुछ संतोषजनक है।

जब मंत्री जी के सामने ही बाढ़ पीड़ित अपना दुखड़ा सूना रहे थे तो “राजद के एक नेता मंत्री जी के सामने ही बाढ़ पीड़ितों को कड़े शब्दों में चेतावनी दे दिए। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को धमकाते हुए कहा की पॉलिटिक्स मत करो बाद में कोई काम नहीं देगा। इस पर मंत्री जी खामोश रहे।

साथ ही मंत्री जी के उस बात से भी बाढ़ पीड़ित लोग काफी दुखी हुए जिसमे उन्होंने कहा की सौभाग्य है की आपके पास गंगा मैया आई है। बाढ़ पीड़ित इस बयान को अपने दर्द का मजाक करना बता रहे है। उसके बाद कुछ लोगों से ही मिलकर मंत्री जी आगे बढ़ गए।

सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है की तेजस्वी यादव के क्षेत्र पर राहत को लेकर सरकार की जो मुस्तैदी है। मंत्री जी के मुताबिक संतोषजनक है मगर अपने ही पार्टी के कुछ लोग सरकार की किरकिरी कराने पर तुले हुए है।