बिस्कुट कंपनी की एजेंसी में घुसकर लूट को अंजाम देने वाला अपराधी गिरफ्तार

316
0
SHARE

सहरसा – बीते शुक्रवार की देर शाम सरेआम बाइक सवार तीन नकाबपोश अपराधियों ने एक बिस्कुट कंपनी की एजेंसी में घुसकर हथियार लहराते 36 नगदी लूट की घटना को अंजाम दिया था। उक्त लूटपाट की घटना का उद्भेदन सदर डीएसपी के नेतृत्व में गठित टीम ने मात्र 72 घंटे के भीतर करके बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को सदर थाना में सदर डीएसपी प्रभाकर तिवारी ने प्रेस वार्ता कर लूट कांड में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी की जानकारी दिया।

सदर डीएसपी प्रभाकर तिवारी ने बताया कि गांधी पर स्थित अशोक सिनेमा टॉकीज के बगल में बिस्कुट कंपनी के एजेंसी मालिक अनिल शाह से शुक्रवार की देर शाम तीन नकाबपोश अपराधियों ने हथियार के बल पर 36 लूट की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस घटना को चैलेंज के रूप में लिया। जिसके बाद उस इलाके में लगे हुए हर सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया। हालांकि इसमें पुलिस को कोई सफलता हासिल नहीं हुई। लेकिन पुलिस पूर्व से अपराधियों की लिस्ट निकाली और फिर लगातार मॉनिटरिंग के परिणाम स्वरुप इस कांड में शामिल अपराधियों का उद्भेदन करने में सफलता मिली।

इस कांड को मुख्य रूप से दो अभियुक्तों ने अंजाम दिया था। जिसमें सचिन मंडल और मुकेश कुमार साह प्रमुख हैं। ये दोनों कई जिले के वांछित अपराधी हैं और अपराध की घटना करने के बाद अपना इलाका बदल लेते हैं। मुकेश शाह बटराहा में अपने ससुराल में रह कर घटना को अंजाम देता था। फिर स्थान को बदल देता था। वहीँ सचिन मंडल के पिता रेलवे में कार्यरत हैं। घटना का प्लानिंग सचिन मंडल के घर पर ही बनाई गई। फिर इसके बाद अनिल साह के दुकान में कार्य करने वाले उनके कर्मचारी एवं मास्टरमाइंड करण ने रेकी की जिसके बाद अनिल शाह से लूट की घटना घटित हुई। इनके साथ अन्य दो अपराधियों मुकेश कुमार टिकाधारी और रोशन चौधरी ने मिल कर घटना को अंजाम दिया था।

तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है जिसमें मुकेश कुमार साह, मुकेश कुमार टीकाधारी और रोशन चौधरी है। अन्य दो लोग फरार होने में कामयाब रहे। लेकिन उनकी भी गिरफ्तारी जल्द होगी। जिनमें सचिन मंडल और रोशन और करण है। लूट में प्रयुक्त दोनों मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। साथ ही इन लोगों के पास से दो मोबाइल और तीनों के पास लूट की रकम 15-15 सो रुपए भी बरामद किए गए हैं।

वहीं डीएसपी ने मीडिया के माध्यम से स्थानीय व्यापारियों और आम जनों से आग्रह किया कि वे लोग अपने-अपने प्रतिष्ठान और घरों के आगे सीसीटीवी कैमरा निश्चित रूप से लगवा लें। जिससे उनके घर या आसपास के इलाके में इस तरह के वारदात का रिकॉर्डिंग हो सके और अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने स्थानीय व्यापारियों से अपने यहां कार्यरत कर्मियों के पुरानी इतिहास को खंगालने या पुलिस से संपर्क लेकर उनके चरित्र का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद ही अपने यहां कार्य पर रखने का आग्रह किया।