बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का बड़ा श्रेय आनंद किशोर को जाता है : काँग्रेस

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बिहार प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सरोज तिवारी ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के चेयरमैन आनन्द किशोर को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का बड़ा श्रेय इन्हें जाता है। बिहार बोर्ड छात्रों से धन दोहन का अड्डा बन गया है, 39% 40% बच्चे ही इंटर में पास हो पाते हैं। इस वर्ष कुल 12 लाख बच्चे इंटर की परीक्षा दिए उनमें साइंस के मात्र 30% छात्र पास हुए, आर्ट्स में 32% मात्र, वहीं दसवीं की परीक्षा में 17 लाख बच्चे बैठे और मात्र 68% पास कर पाए, क्या ये बताने को काफी नहीं है कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था खासकर बोर्ड शिक्षा बर्बाद हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि हद तो ये है कि जो छात्र आईआईटी जैसे कठिन परीक्षाओं को पास कर जाते है, उसे हमारा बोर्ड फेल कर देता है। हास्यस्पद ये है कि कॉपियों की दुबारा जाँच की माँग कर दिया जाए तो बताया जाता है कि उन्हें कबाड़ियों के हाथों बेच दिया गया। ये झूठ घोटाला व अनियमितता की पराकाष्ठा है। नियमतः ऐसा कभी किया नहीं जा सकता। आनंद किशोर को तत्काल पदमुक्त नहीं किया गया तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय रहना तय है। एक वर्ष बाद भी बोर्ड का रवैया थोड़ा भी नहीं बदला।

बिहार बोर्ड में जो आज परीक्षा दे रहे छात्र हैं वो 2005- 06 में नामांकन करवाये होंगे अगर वो भी पास नहीं कर रहे तो दोष किस सरकार का है? नीतीश जी की सरकार इस दोष से कैसे मुक्त हो सकती है? नीतीश जी के जदयू-भाजपा शासन में बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी है। और कम से कम इसके लिए काँग्रेस राजद सरकारों को दोष दे नहीं भाग सकती बिहार सरकार। पिछले 13 वर्षों में बिहार में शिक्षा के साथ ही सर्वाधिक खिलवाड़ हुआ है।

उन्होंने बिहार सरकार से मांग करते हुए कहा कि नीतीश जी की ऐसी क्या मजबूरी है कि बोर्ड के भ्रष्टाचारी प्रतीत होते चेयरमैन आनंद किशोर को वो हटाना नहीं चाह रहे। स्वतंत्र जाँच नहीं चाह रहे। वैसे भी मुख्यमंत्री जी ने यह तय कर रखा है कि हर अपराध के दोषी, दागी आरोपित ही उस अपराध की जाँच करेंगे। हम बिहार सरकार से माँग करती है कि तत्काल गैर जिम्मेदार अधिकारी आनंद किशोर को पदमुक्त कर किसी अन्य योग्य व्यक्ति को बोर्ड की चेयरमैनी सौंपे ताकि छात्रों का भविष्य बच जाए।