बिहार में पूर्ण शराबबंदी और मधुशाला

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बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद स्व. हरिवंश राय बच्चन जी की कालजयी रचना “मधुशाला” संशोधन के साथ नई प्रस्तुति में……

“फूट चुके मधु के प्याले,
टूट चुकी अब मधुशाला।
मयखाने वीरान हुये अब,
जहां छलकती थी हाला।
दिख रहा गमगीन क्लब,
जो था मय से मतवाला।
मधुशाला को छोड़ लोग,
अब मन्दिर-मस्जिद जाते हैं।
मन्दिर-मस्जिद मेल कराते,
अब जेल कराती मधुशाला।”