बिहार में बीज एवं जैविक प्रमाणन कार्य से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मियों का होगा क्षमता वर्धन – डाॅ॰ प्रेम कुमार

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कृषि मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार में बीज उत्पादन एवं प्रमाणन कार्य से जुड़े कर्मियों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन बिहार राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणन एजेन्सी (बसोका), पटना के सभागार में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीज/जैविक प्रमाणन से जुड़े हुए निरीक्षकों तथा राज्य के बीज अभिसंस्करण से जुड़े पदाधिकारियों/व्यावसायियों को प्रशिक्षित किया गया।

उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण के आयोजन से प्रमाणन निरीक्षकों का क्षमता वर्धन होगा तथा वे बेहतर तरीके से क्षेत्र का निरीक्षण कर पायेंगे। प्रोसेसिंग प्लांट से जुड़े व्यक्तियों के प्रशिक्षण से राज्य में बेहतर ढंग से बीज का प्रोसेसिंग हो पायेगा। इस प्रयास से राज्य में बीज उत्पादन के क्षेत्र में मदद मिलेगा तथा राज्य में उत्पादित प्रमाणित बीजों की गुणवता में अपेक्षित सुधार होगा।

मंत्री ने कहा कि इस प्रशिक्षण में विभिन्न फसलों के बीज उत्पादन तकनीक की विस्तृत चर्चा की गई तथा राज्य में बीज उत्पादन को गति देने हेतु आवश्यक तरीके बताये गये। बीज प्रमाणीकरण में प्रयोगशालाओं की अहम भूमिका होती है। बीज नमूनाकरण से लेकर प्रयोगशाला प्रमाण-पत्र निर्गत करने तक की प्रक्रिया तथा तरीकों को विस्तृत रूप से एम॰पी॰ यादव, वरीय बीज विश्लेषक, एन॰एस॰टी॰सी॰, वाराणसी द्वारा बताया गया।

सी॰पी॰आर॰आई॰ के निदेशक शंभु प्रसाद द्वारा बिहार में आलू बीज उत्पादन की संभावनायें, उपयोग एवं प्रमाणीकरण पर चर्चा की गई। आलू के दो नये विकसित प्रभेद कुुफरी नीलकण्ठ तथा दूसरा कुफरी केशर की विशेषताओं के बारे में बताया गया।प्रशिक्षणार्थियों को निदेशक, बिहार राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणन एजेन्सी द्वारा जैविक खेती, इसके तरीके, सिद्वांत तथा जैविक प्रमाणीकरण पर विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनके द्वारा बिहार में जैविक खेती की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।

डाॅ॰ कुमार ने कहा कि रसोका के प्रमाणन सलाहकार बी॰एस॰ गुप्ता ने बीज प्रमाणीकरण के सभी स्टेप्स की विस्तृत जानकारी दिया। इस प्रशिक्षण में शामिल बीज निरीक्षकों को फिल्ड स्टेंडर्ड तथा बीज स्टेंडर्ड के बारे में बताया गया। बीज अभिसंस्करण में प्रोसेंसिग प्लांट की अहम् भूमिका होती है। प्रोसेंसिंग प्लांट निबंधन की शर्ते, उसके रख-रखाव, लाॅट नम्बर का निर्माण, बैग्स के नमूने, लेवल एवं टैग इत्यादि विषयों पर प्रशिक्षित किया गया। निरीक्षकों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिसर, पटना पूर्वी क्षेत्र के लिए के फिल्ड पर प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें गुप्ता ने क्षेत्र निरीक्षण के बारीकियों को समझाया। सभी प्रतिभागियों को शेखपुरा राष्ट्रीय बीज निगम के प्रोसेसिंग प्लांट का भ्रमण कराकर उन्हें अभिसंस्करण यंत्रों के बारे में पूरी जानकारी दी गई।