बिहार में भी खुलेगा अभियंताओं के लिए ट्रेनिंग इंस्‍टीट्यूट : पथ निर्माण मंत्री

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पटना – इंडियन इंस्‍टट्यूशन ऑफ ब्रिज इंजीनियर और बिहार राज्‍य पुल निर्माण निगम लि. के संयुक्त तत्वावधान में आज से दो दिवसीय ब्रिज-2019 कांफ्रेंस का शुभारंभ पटना स्थित ज्ञान भवन में हुआ, जिसका विधिवत उद्घाटन पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर किया। इस आयोजन का थीम Revolution in Transportation Infrastructure : Vision – 2030 है। इसको यादव ने बिहार के इंजीनियरों के लिए सार्थक बताया और कहा कि ब्रिज 2019 कांफ्रेंस से प्रदेश के अभियंताओं को सार्थक जानकारी मिलेगी, जिसका फायदा बिहार के विकास को मिलेगा।

उन्‍होंने कहा कि हम चाहते हैं कि बिहार का इंफ्रास्‍टक्‍चर और विकसित हो। ये तभी होगा, जब लागत में कमी आयेगी और समय कम लगेगा। इसकी जानकारी आज इंडियन इंस्‍टट्यूशन ऑफ ब्रिज इंजीनियर और बिहार राज्‍य पुल निर्माण निगम लि. द्वारा आयोजित इस कांफ्रेंस में राज्‍य के इंजीनियरों को मिलेगी, इसके लिए हम उनकी सराहना करते हैं।

यादव ने कहा कि उन्‍नत इंफ्रास्‍टक्‍चर के बिना किसी भी प्रदेश का समेकित विकास संभव नहीं है, जिसे बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने समझा और हमने इस दिशा में काम शुरू किया, जिसके बेहतर परिणाम आज सबके समाने है। 15 साल पहले बिहार में पुल और सड़कों का निर्माण बस कल्‍पना थी, लेकिन जब बिहार में एनडीए की सरकार बनी, तब पुल से लेकर फोर लेन सड़कों का बड़े पैमाने में राज्‍य में निर्माण हुआ। 2005 से फोर लेन क्‍या होता था, यह किसी को पता भी नहीं था। लेकिन भारत सरकार और राज्‍य सरकार ने बड़े पैमाने पर बिहार में सड़कों का जाल बिछाने का काम किया है। कई मामलों मे बिहार आज देश को दिशा दिखा रहा है, जैसे गांव – गांव में सड़कों और उसके रखरखाव के मामले में बिहार देश में अव्‍वल है। उन्‍होंने प्रदेश के इंजीनियरों की भी तारीफ की।

वहीं, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीना ने बिहार में हुए आधारभूत संरचानाओं के बारे में जानकारी देते हुए राज्‍य में पुलों के क्षेत्र में बेहद कार्य हुए हैं। राज्‍य में नदियों पर अधिक से अधिक पुल बने इसके लिए मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्‍यमंत्री सेतु निर्माण योजना की शुरूआत की थी, जिसके तहत 5 हजार छोटे – बड़े बने थे। जिसके बाद यह महसूस किया गया कि इसके मेंटेंस की भी व्‍यवस्‍था होना चाहिए। इस दृष्टिकोण से मुख्‍यमंत्री के मार्गदर्शन में पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत एक सेतु प्रबंधन कोसांग की भी स्‍थापना की गई, जो कार्यरत है। इसके अलावा हमने लांग टर्म ब्रिज मेंटेंनेंस की नीति भी तैयार की है। उन्‍होंने 60 आरओबी के जल्‍द निर्माण की जानकारी दी।

इसके अलावा ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट सह बिहार स्‍टेट रोड डेवलपमेंट के मैनेजिंग डायरेक्‍टर संजय अग्रवाल ने कहा कि ब्रिज सेक्‍टर में बिहार ने बेहद उम्‍दा काम किया है। अब यहां भी आधुनिक तरीके से पुल का निर्माण कार्य संभव है। और तो और हम पूरे साल पुल निर्माण का काम भी कर पाते हैं। उन्‍होंने आरओबी व पुल निर्माण के दौरान रेलवे के सहयोग की भी सराहना की है और नई तकनीक के साथ काम करने की बात पर जोर दिया। तो इस्‍ट सेंट्रल रेलवे के जीएम एल सी त्रिवेदी ने रेलवे और राज्‍य सरकार की समझ और सहयोग के बारे में विस्‍तार से बताया। IIBE के अध्‍यक्ष ई. विनय गुप्‍ता ने Revolution in Transportation Infrastructure : Vision – 2030 पर आयोजित ब्रिज 2019 के दो दिवसीय कार्यक्रम की रूप रेखा के बारे में चर्चा की।

इससे पहले कार्यक्रम की शुरूआत फाउंडर एंड प्रिंसिपल कंसल्‍टेंट सह IIBE के सचिव ई. स्‍व‍िप्निल जोशी के स्‍वागत भाषण से हुआ। इस दौरान बिहार राज्‍य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर सह चेयरमैन IIBE पटना के ई. उमेश कुमार, डायरेक्‍टर जनरल IIBE ई. डी जी दिवाते, BRPNNL के चेयरमैन जितेंद्र श्रीवास्‍तव ने भी संबोधित किया। वोट ऑफ थैंक्‍स IIBE सेक्रेटरी डॉ गोपाल राय ने किया। उद्धाटन सत्र में IIBE का सोविनयर भी जारी किया गया और अतिथियों को सम्‍मानित भी किया गया।