बिहार में राष्ट्रपति शासन की नहीं बल्कि अभियुक्तो को सजा दिलाए जाने की जरुरत: उपेंद्र कुशवाहा

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पटना: गया में एमएलसी पुत्र रॉकी दूारा व्यवसायी पुत्र आदित्य सचदेव की हत्या के बाद बिहार में राष्ट्रपति शासन की मांग को लेकर एनडीए में ही मतभेद उभर के सामने आये है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की भाजपा की मांग को खारिज करते हुए कहा कि अभियुक्तों को स्पीडी ट्रायल के तहत सजा दिलाये जाने की जरुरत है न कि राष्ट्रपति शासन की।

यहां बता दे कि मंगलवार को भाजपा सांसदो के एक प्रतिनिधी मंडल बिहार में राष्ट्रपति शासन की मांग को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी।

इससे पहले लोजपा सांसद चिराग पासवान ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर बिहार में हालिया हत्या सहित राज्य में अपराध से संबंधित कई घटनाओं को लेकर बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया, जब से वहां नई सरकार आई है, इसके पीछे हत्या के निशान हैं। वहां कोई सुरक्षित नहीं हैं, चाहे व्यापारी हों, डॉक्टर हों या छात्र हों। उन्होंने कहा, सत्तारूढ़ पार्टी की सत्ता के नशे में धुत एमएलसी के बेटे ने छात्र आदित्य की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या, बलात्कार, रंगदारी और लूटपाट जैसे गंभीर प्रकृति के अपराधों में बढोत्तरी हुई है जिससे युवा विस्थापन के लिए मजबूर हैं।